कानपुर
जिलाधिकारी ने वृद्ध दंपति की समस्या सुनी और उन्हें न्याय देते हुए उनके ही घर में पुन: स्थापित करने का आदेश दिया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कानपुर : शहर के न्यू आज़ाद नगर,73, सतबरी रोड निवासी 75 वर्षीय संतोष द्विवेदी और उनकी पत्नी निर्मला देवी ने अपनी बहू और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं दंपति का कहना है कि नौ साल पहले उन्हें उनके ही बनाए मकान से जबरन बेदखल कर दिया गया था और अब लंबी कानूनी लड़ाई के बाद घर वापस लौटने पर उन्हें फिर से प्रताड़ित किया जा रहा है। 9 साल का वनवास और डीएम का हस्तक्षेप वृद्ध दंपति ने बताया कि यह मकान उन्होंने अपने जीवन की सारी पूंजी लगाकर खरीदा और बनवाया था। लेकिन आज से लगभग 9 साल पहले उनकी बहू और उसके घरवालों ने मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया था इस दौरान वे दर-दर की ठोकरें खाते रहे,भूखे पेट सोए और कई रातें दूसरों के चबूतरे पर गुजारने को मजबूर हुए संतोष द्विवेदी ने बताया कि लंबी कानूनी लड़ाई और कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने के बाद, जिलाधिकारी ने उनकी फरियाद सुनी और उन्हें न्याय देते हुए उनके ही घर में पुन: स्थापित करने का आदेश दिया। दंपति ने डीएम साहब का आभार व्यक्त किया है, जिनके हस्तक्षेप से उन्हें न्याय मिला घर वापसी के बाद नई मुसीबत वृद्धावस्था (लगभग 75 वर्ष) के कारण दंपति चलने-फिरने में लाचार हैं जिलाधिकारी के आदेश पर जब वे वापस अपने घर आए हैं,तो उनकी बहू और ससुराल पक्ष ने प्रताड़ना के नए तरीके अपना लिए हैं। दंपति का आरोप है कि बहू द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है,मारपीट की कोशिशें की जा रही हैं,गाली-गलौज किया जा रहा है और एक बार फिर उन्हें घर से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं बिजली-पानी बंद करने का आरोप सबसे गंभीर आरोप यह है कि बुजुर्ग दंपति के हिस्से की बिजली और पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इसके चलते वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं वृद्ध दंपति ने अपनी वर्तमान स्थिति को अत्यंत असहाय बताया है और जिला प्रशासन से विनम्रतापूर्वक गुहार लगाई है कि उनकी जान-माल की रक्षा की जाए और उन्हें जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए ताकि वे अपने ही घर में शांति से जीवन व्यतीत कर सकें।



