सिंगरौली
बारिश शुरू होते ही हरी सब्जियों के बढ़ने लगे दाम, टमाटर हुआ लाल, पहुंचा 50 रुपए किलो के पार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । बारिश शुरू होते ही सब्जियों के कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। आलम यह है कि टमाटर एक बार फिर से लाल हुआ है और उसकी कीमत 60 के पार पहुंच गया है, जबकि हरी सब्जियों में करैला, बरबट्टी, गोभी की कीमत शतक के पार पहुंच गई है। दरअसल मानसून के सक्रिय होते ही पिछले तीन-चार दिनों के अंदर हरी सब्जियों के कीमतों में दो गुना वृद्धि हुई है। आलम यह है कि अचानक आलू के दाम में 5 रूपये प्रति किलो बढ़ोत्तरी हो गई है। बताया जाता है कि बैढ़न शहर में इन दिनों आलू 25, टमाटर 50, प्याज, 25, लौकी 35, कहू 35, खीरा 45, परवर 45, गाजर 85, मूली 50, कुंदरू 50, सिमला मिर्चा 160, करैला 100, गोभी 100 से 140, भिंडी 40, बैगन 80, नेनुआ 60, अरूई 50, अदरक 100 से 140, मिर्चा 60 से 100, धनिया पत्ती 200, चकुन्दर 30, नीबू 80, बरबट्टी 70 से 100 रूपये प्रति किलो बिक रही है।
हालांकि बैढ़न के अलग-अलग दुकानों में सब्जियों के भाव अलग-अलग हैं। कहीं 5 रूपये तो कहीं 10 रूपये का अंतर है। लेकिन हरी सब्जियों के दाम में अचानक हुई वृद्धि से मध्यमवर्गीय एवं गरीब परिवार, मजदूर किसानों के लिए कुछ दिनों के लिए हरी सब्जी कहीं सपना ना बन कर रह जाये। सब्जी विक्रेता बताते हैं कि अब ज्यादा तर सब्जियां से आ रही हैं और बारिश के सीजन में हमेशा इसी तरह दाम बढ़ते हैं। करीब अगस्त महीने तक सब्जियों के दाम घटने वाले नही हैं। बल्कि अभी सब्जियों के दाम में और उछाल आएगा। फिलहाल हरी सब्जियों के दाम में अचानक हुई वृद्धि से गरीबों की थाली हरी सब्जी से कहीं खाली करने के आसार नजर आने लगे हैं। उन्हें आलू-प्याज के सहारे ही काम चलाना पड़ सकता है।
सब्जी व्यवसायी बताते हैं कि सब्जियों की पैकिंग और भाड़े से रेट में काफी अंतर आ जाता है। इसके अलावा बारिश और धूप निकलने के बाद अचानक गर्मी बढ़ जाने से सब्जियां जल्दी खराब हो जा रही हैं। इनको बचाए रखने के लिए अधिक मेहनत भी करनी पड़ रही है। सब्जियों के महंगा होने, शादी-विवाह बंद होने के कारण भी बिक्री कम हुई है। मोरवा के सब्जी विक्रेता विनोद कुमार केशरी बताते हैं कि यह स्थिति कम से कम एक महीने चलेगी। जब तक बारिश की फसल नहीं आ जाती हैं, सब्जियां महंगी ही रहेंगी।



