गोड्डा

गोड्डा में लोक कल्याणकारी योजनाओं का जमीनी निरीक्षण, शिक्षा–स्वास्थ्य–पेयजल पर विशेष फोकस

आपात स्थिति में डायल 112 का करें उपयोग: एसपी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
गोड्डा: जिले के सुन्दरपहाड़ी प्रखंड अंतर्गत पंचायत बड़ा सिन्दरी के मासपाड़ा, बड़ा सबईकुंडी तथा रतनापाड़ा गांव में शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण कार्यक्रम में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त अंजली यादव एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार स्वयं उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पेयजल एवं सड़क निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। विद्यालयों में नामांकन, आधार निर्माण की प्रगति, बच्चों की उपस्थिति एवं शिक्षक उपलब्धता की समीक्षा की गई। साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में दवा उपलब्धता एवं टीकाकरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल व्यवस्था, हैंडपंप एवं जलमीनार की कार्यशीलता की जांच की गई तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। ग्रामीण सड़कों की स्थिति एवं निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। ग्राम सभा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, जल जीवन मिशन एवं अन्य आधारभूत संरचना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। लाभुकों से प्रत्यक्ष संवाद कर योजनाओं के लाभ एवं समस्याओं की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से आमजन तक पहुंचे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 (पुलिस बचाव सेवा) का अवश्य उपयोग करें। उन्होंने बताया कि यह सेवा दुर्घटना, अपराध या अन्य आपात परिस्थितियों में तुरंत सहायता प्रदान करती है। साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों के पालन—हेलमेट, सीट बेल्ट एवं नशामुक्त ड्राइविंग—पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता, मजदूरों की उपस्थिति एवं भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों से बातचीत कर लंबित मामलों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर ने ग्रामीणों को वन संरक्षण, लघु वनोपज, पर्यावरण संतुलन एवं जैव विविधता के महत्व की जानकारी दी तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में जरूरतमंद परिवारों के बीच कंबल, मच्छरदानी एवं खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसके लिए नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग जारी रहेगी।
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