भरत पुर
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर हुआ जिलास्तरीय कार्यक्रम
प्रयत्न संस्था द्वारा कृर्षि सभागार में हुआ आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर : राजस्थान के भरतपुर जिले में प्रयत्न संस्था द्वारा कृर्षि सभागार में प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में जिला स्तर पर विभिन्न विभागो के साथ समन्वय स्थापित कर बाल श्रम निषेध दिवस का आयोजन कवच परियोजना के अन्तर्गत किया गया, जिसकी अध्यक्षता राजाराम भूतौली अध्यक्ष बाल कल्याण समिति भरतपुर में किया गया। जिसमें भूतौली द्वारा विस्तार पूर्वक बताया गया कि एक बच्चे एक मकान की नींव की तरह होते है, जैसे एक मकान नीम के सहारे एक लम्बे समय तक और सही तरीके से खड़ा रहता है, उसी प्रकार बच्चे भी अगर शिक्षित सुरक्षित रहेगें। तो हमारे समाज का अच्छे से विकास हो सकेगा। और कोई भी बच्चा असुरक्षित एवं असंरक्षित रहे तो एक भी बच्चे का जीवन खतरे में नहीं रहेगा।वहीं कृर्षि विभाग के उपनिदेशक देशराज द्वारा बाल श्रम निषेध दिवस पर विस्तार पूर्वक बताया कि बाल श्रम एक अभिशाप है जो कि एक बच्चे को स्वास्थ्य और संरक्षण का शोषण करता है, जो बचपन की उम्र को बाल श्रम छीन लेता है।जिससे बच्चों के अन्दर दीन हीन की भावना पैदा हो जाती है। इसके साथ ही श्रम आयुक्त प्रदीप यादव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी बच्चे से बाल श्रम करवाता हुआ मिलता है तो उसे पचास हजार से दो लाख तक का जुर्माना का प्रवधान है और 14 बर्ष से 18 बर्ष के बच्चे जो कि जोखिम गिरीश कार्य करते हैं, तो वह भी एक बाल श्रम की श्रेणी में आता हैं। वही बाल श्रम निषेध दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर के एडवोकेट नीरज ने बाल श्रम दिवस क्यों मनाया जाता है और इसके दुष्परिणाम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986, किशोर न्याय अधिनियम 2015, पोक्सो एक्ट 2012 के बारे में विस्तार पूर्वक बताया और जीजेवी शिशुपालना केन्द्र सीडब्लयूपीसी के बारे में भी जानकारी दी गई। बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में ग्राम पंचायत रारह,गाडौली, सलैमपुर खुर्द, गुणसारा, बनेरा से बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य सरपंच,सचिव एवं राजू मंत्र राजू मीना मंच के बच्चों ने बाल श्रम के पोस्टर बनाकर एवं कविता के माध्यम से बाल श्रम निषेध दिवस के बारे में अपनी प्रस्तुति की एवं बाल कल्याण एवं संरक्षण समीति अध्यक्ष सरपंच दीवली द्वारा बाल श्रम के बारे में एवं प्रयत्न संस्था द्वारा किए जा रहे कार्य की सराहना की गई।



