
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। जिले के ग्राम पीपलसाना खातियान में सरकारी राशन वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने कोटेदार नरेन्द्र सिंह पर भ्रष्टाचार, धमकी और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार न केवल राशन में हेराफेरी कर रहा है, बल्कि शिकायत करने वालों को डराने-धमकाने से भी नहीं चूकता।
जांच टीम पर भी उठे सवाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद 09 अक्टूबर 2025 को दो सदस्यीय जांच टीम गांव पहुंची थी। टीम में भास्कर चौहान जांच अधिकारी के रूप में शामिल थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि टीम ने न तो शिकायतकर्ता चन्द्रभान को सूचित किया, न ही ग्राम प्रधान या बीडीसी को। जांच पूरी तरह बिना ग्राम प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की गई, जिससे ग्रामीणों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
ऊपर तक हिस्सा जाता है गल्ले में” कोटेदार का कथित बयान
शिकायतकर्ता चन्द्रभान ने बताया कि जांच के बाद कोटेदार ने उन्हें गालियां दीं और कहा“मैं जो आधा किलो गल्ला कम देता हूं, उसमें ऊपर तक अधिकारियों का हिस्सा है।” इसके अलावा, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 12 अक्टूबर 2025 को कोटेदार को बजरी से भरे कट्टों का वजन करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। ग्रामीणों ने वीडियो भी बनाया, जिसमें कोटेदार कथित रूप से फर्जी वजन पर्ची निकालते और दूसरे कांटे से राशन तौलते नजर आया।
हमले का आरोप, पहले भी दर्ज हैं केस ग्रामीणों का कहना है कि जब वीडियो वायरल हुआ, तो कोटेदार ने चन्द्रभान और शिवम सिंह पर गालियां देते हुए डंडे से हमला करने की कोशिश की।
आरोप है कि कोटेदार नरेन्द्र सिंह का स्वभाव दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ थाना भोजीपुरा सहित अन्य थानों में कई मामले दर्ज हैं। इससे पहले भी 12 सितंबर 2025 को मारपीट की एक रिपोर्ट थाना शेरगढ़ में दर्ज कराई गई थी।
ग्रामीणों की मांग निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बरेली को प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि कोटेदार नरेन्द्र सिंह के खिलाफ निष्पक्ष न्यायिक जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ऐसे भ्रष्ट कोटेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक गांव में भयमुक्त वातावरण बहाल नहीं हो सकता।


