सिंगरौली

काचन नदी पर बढ़ रहा खतरा

अवैध प्लाटिंग से नदी का अस्तित्व संकट में, प्रशासन की खामोशी पर सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
 सिंगरौली। जिले के बैढ़न तहसील क्षेत्र अंतर्गत नौगई गांव में काचन नदी का अस्तित्व गंभीर खतरे में पड़ गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि भू-कारोबारी नदी को पाटकर बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं, जबकि प्रशासनिक अमला तमाशबीन बना हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-39 के ठीक पास, महिंद्रा एजेंसी के समीप काचन नदी के किनारे पिछले कई महीनों से अवैध मिट्टी भराई का काम तेजी से जारी है। ग्रामीणों के अनुसार यूपी के एक कारोबारी ने नदी के किनारे की भूमि की खुदाई कर नदी के बहाव क्षेत्र को समतल कर दिया है। नदी की मेड़ के बड़े हिस्से को पूरी तरह पाट दिया गया है, जिससे प्राकृतिक बहाव बाधित होने के साथ-साथ भविष्य में गंभीर जल संकट और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने इसकी शिकायत ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग को दी थी। राजस्व टीम ने एक-दो बार जांच भी की, लेकिन कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रही। न तो अतिक्रमण रोका गया और न ही अवैध प्लाटिंग की गतिविधियों पर रोक लगाई गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भू-माफियाओं और राजस्व विभाग के बीच गठजोड़ के चलते कार्रवाई नहीं हो रही है। नदी को पाटने का काम लगातार जारी है और प्लाट बेचने की तैयारी भी की जा रही है। ग्रामीण बताते हैं कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो काचन नदी का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो सकता है, जिससे क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से नदी पर हो रहे अतिक्रमण को रोका जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और नदी के प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित किया जाए।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button