सिंगरौली

शहरी आंगनवाड़ियों में भ्रष्टाचार का खेल, 

कमीशन पर पास हो रहे बिल – बच्चों को नहीं मिल रहा पोषण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली शहर की शहरी आंगनवाड़ियों का हाल बेहद चिंताजनक है। कई आंगनवाड़ियां नियमित रूप से खुल ही नहीं रही हैं, वहीं बच्चों की उपस्थिति और भोजन वितरण केवल कागज़ों पर दिखाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चों को समय पर न तो पोषण आहार मिलता है और न ही आंगनवाड़ी में कोई सुविधा। इसके बावजूद समूह संचालक मनमानी संख्या दिखाकर भोजन के बिल तैयार कर लेते हैं और कथित रूप से कमीशन के दम पर उन्हें पास भी करा लिया जाता है।
सूत्र बताते हैं कि शैलेन्द्र साकेत, जिन्हें इन आंगनवाड़ियों का नियमित भ्रमण करना चाहिए, वास्तविकता जांचने के बजाय केवल बिल पास करने में लगे हैं। आरोप यह है कि संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से यह खेल लगातार जारी है।
कई इलाकों में जब आसपास के लोगों से पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि आंगनवाड़ी शायद ही कभी खुलती है, बच्चों को भोजन नहीं मिलता और कोई भी जवाबदेही तय नहीं की जाती।
बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर चल रही यह लापरवाही और भ्रष्टाचार न केवल योजनाओं को खोखला बना रहा है बल्कि गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग कब इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे और जिम्मेदार लोगों पर नकेल कसेंगे।
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