बोकारो निसंतान की दलालों ने पैदा कर दी संताने
Brokers gave birth to children in Bokaro's childless women

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
बोकारो। आप देश के किसी कोने के निवासी हो, अगर बोकारो में सरकारी योजनाओं का लाभ चाहिए तो आपका स्वागत है। झारखंड के मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य का अंचल कार्यालय दलालों का अड्डा है तो सब तरह की फर्जी सेवा यहां उपलब्ध है, बस पॉकेट में रुपया होना चाहिए। रुपया है तो ये दलाल आप भले ही बिना संतान निर्वंश मरे हो लेकिन येआपकी संतान तक पैदा कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिला देंगे। यह मामला चास अंचल कार्यालय का है। मुखिया , नेता और सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिलकर एक निर्वंश ( बिना संतान वाले ) मृत व्यक्ति शिबू मांझी की दो – दो संतानों वाला बना दिया। साथ ही अबुआ आवास दिलाने के लिए सारे कागजात भी झटपट तैयार हो गए और सीओ, चास ने इस पर अपनी मुहर भी लगा दी। पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के निवासी सुरेन चक्रवर्ती ने 03 जुलाई 2025 को एक पत्र लिख कर बोकारो के उपायुक्त को यह शिकायत की है। अपने पत्र में चक्रवर्ती ने लिखा है कि पश्चिम बंगाल के लोगों का अवैध तरीके से जाति प्रमाण पत्र और अबुआ आवास बनाया जा रहा है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया है कि कैसे जिला पुरुलिया के ग्राम ऊलगोडिया, पोस्ट व थाना – अड़सा के निवासी खोखा मांझी की दो पुत्रियों बतियाना मांझी और सरला मांझी को ग्राम – बेडानी, पोस्ट व थाना – पिंड्राजोरा के मृत और निसंतान खोखा मांझी की पुत्री बना दिया गया है। डीसी को दिए अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि इन दोनों महिलाओं का आधार कार्ड पुरुलिया से निर्गत है। इस फर्जीवाड़े में गांव के मुखिया पूर्ण चंद्र महतो, झामुमो के किरण चंद्र मांझी, जिला परिषद के राजेश महतो, चास सीओ कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी की मिलीभगत है। अगर ईमानदारी से जांच हो तो ऐसे अनेक फर्जीवाड़े सामने आएंगे। संवाददाता ने मुखिया पूर्ण चंद्र महतो से बात की। उन्होंने सीधे – सीधे तो यह स्वीकार नहीं किया कि हम ने गलती की है लेकिन उन्होंने यह कहा कि आप इन सब के बीच जो दलाल हैं, उनसे क्यों नहीं पूछते ? मेरे पास लाया तो हमे लिख दिया। अब मुखिया जी को कौन बताएं कि यह कितना बड़ा अपराध है। चास के सीओ दिवाकर दुबे ने 23 अप्रैल 2025 को सबकुछ सत्यापन के पश्चात निसंतान शिबू मांझी के बेटे खोखा मांझी की नकली पुत्री सरला मांझी को अबुआ आवास देने के आदेश जारी कर दिए है। देखना यह है कि बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा इस पर कुछ कार्रवाई करते हैं या ……..?



