नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : अंकुर बिहार डी-ब्लॉक स्थित एक सरकारी विद्यालय में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उस समय माहौल असहज हो गया, जब नगरपालिका परिषद लोनी के पूर्व अध्यक्ष मनोज धामा ने अपने संबोधन के दौरान एक नये और संवेदनशील मुद्दे की ओर इशारा किया।
अपने भाषण में मनोज धामा ने कहा कि अंकुर बिहार क्षेत्र में कुछ लोग नियम विरुद्ध निर्माण रोकने की आड़ में बिल्डरों से कथित रूप से अवैध धनराशि लेते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चौथी व पांचवीं मंजिल के निर्माण को लेकर डर दिखाकर यह लेन-देन किया जाता है।
पूर्व अध्यक्ष ने मंच से यह भी कहा कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों की सहमति के आधार पर विजय मिश्रा, प्रशांत झा, करण ग्रोवर और सुधाकर तिवारी जैसे नाम चर्चाओं में सामने आए हैं, जिनके बारे में यह कहा गया कि उन्हें प्रतिमाह गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से जुड़े कार्यों के नाम पर धनराशि प्राप्त होती है।
हालांकि, यह बातें भाषण में व्यक्त आरोपों के रूप में कही गईं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्षेत्रीय नागरिकों इस बात का विस्तार करते हुए चुटकी लेते हुए यह भी जोड़ा कि एक अन्य नाम इसलिए सार्वजनिक नहीं किया गया क्योंकि वह व्यक्ति नगरपालिका चेयरमैन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों दोनों के यहां हाजिरी देने में माहिर बताया जाता है।
बताया गया कि जिन लोगों के नाम चर्चा में आए हैं, उनके प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से बेहतर तालमेल होने की बातें क्षेत्र में पहले से कही जाती रही हैं। यह भी आरोपों के साथ कहा गया कि ये लोग अंकुर बिहार, डीएलएफ, वेद बिहार और एसएलएफ जैसी कॉलोनियों में बन रही इमारतों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाते हैं और बाद में “सहयोग” के नाम पर राशि की बंदरबांट होती है।
पूर्व चेयरमैन द्वारा लिए गए नाम अवैध बिल्डिंग निर्माण कार्यों से जोड़कर लिए गये है, जिसके बाद से अंकुर बिहार और डीएलएफ क्षेत्र में यह विषय आम चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।
फिलहाल, यह पूरा मामला जनसभा में दिए गए वक्तव्य और क्षेत्रीय चर्चाओं तक सीमित है। संबंधित व्यक्तियों या प्रशासनिक विभागों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


