बागपत
नवजात एवं बाल स्वास्थ्य के भरोसेमंद चिकित्सक बने डॉ. जितेंद्र मलिक
बड़ौत और छपरौली में दे रहे सेवाएं

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बागपत। जनपद बागपत में बच्चों और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की बात हो तो जिन चुनिंदा चिकित्सकों का नाम सबसे पहले लिया जाता है, उनमें बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र मलिक प्रमुख हैं। अपने अनुभव, सरल व्यवहार और बेहतर चिकित्सा सेवाओं के कारण उन्होंने क्षेत्र के हजारों परिवारों का विश्वास अर्जित किया है। वर्तमान में डॉ. मलिक बड़ौत और छपरौली क्षेत्र के तीन प्रमुख चिकित्सा केंद्रों पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण बाल चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
डॉ. जितेंद्र मलिक एमबीबीएस एवं डीसीएच (गोल्ड मेडलिस्ट) हैं तथा नवजात एवं बाल रोगों के उपचार में विशेष विशेषज्ञता रखते हैं। पिछले कई वर्षों से वे नवजात शिशुओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य संबंधी रोगों का सफलतापूर्वक उपचार कर रहे हैं। उनके पास बड़ौत, बागपत, छपरौली, रमाला, बिनौली, दोघट, अमीनगर सराय, खेकड़ा तथा शामली और मेरठ जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी मरीज पहुंचते हैं।
रेलवे रोड स्थित मालिक नर्सिंग होम बना भरोसे का केंद्र
बड़ौत रेलवे स्टेशन के निकट स्थित मालिक नर्सिंग होम डॉ. जितेंद्र मलिक का प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के उपचार के लिए पहुंचते हैं। नवजात शिशुओं की देखभाल, टीकाकरण, सामान्य बीमारियों का उपचार, कुपोषण, निमोनिया, डायरिया, वायरल संक्रमण तथा अन्य बाल रोगों के उपचार की सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं।
नर्सिंग होम में बच्चों के लिए विशेष देखभाल की व्यवस्था होने के कारण यह क्षेत्र के लोगों के लिए एक विश्वसनीय चिकित्सा केंद्र बन चुका है। यहां आने वाले मरीजों को समयबद्ध परामर्श और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
मेडिसिटी हॉस्पिटल में भी दे रहे विशेषज्ञ सेवाएं
डॉ. जितेंद्र मलिक बड़ौत के मेडिसिटी हॉस्पिटल में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित यह अस्पताल गंभीर रूप से बीमार बच्चों और नवजात शिशुओं के उपचार के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां बच्चों के जटिल रोगों की जांच और उपचार के साथ-साथ आवश्यकतानुसार विशेष चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
मेडिसिटी हॉस्पिटल में उनकी मौजूदगी से क्षेत्र के लोगों को बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम हुई है और स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ बाल चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं।
छपरौली क्षेत्र के लोगों को भी मिल रहा लाभ
डॉ. जितेंद्र मलिक छपरौली क्षेत्र में भी नियमित रूप से चिकित्सा परामर्श प्रदान कर रहे हैं। इससे छपरौली, हलालपुर, शबगा, कुरड़ी, आदर्श नंगला, टांडा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिली है। पहले बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह लेने के लिए लोगों को बड़ौत या मेरठ जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध हो रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी डॉ. मलिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे समय-समय पर अभिभावकों को टीकाकरण, पोषण और स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी देते रहते हैं।
नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता
हाल ही में भीषण गर्मी और हीट वेव के दौर में डॉ. जितेंद्र मलिक ने नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने बताया कि नवजात बच्चों का शरीर तापमान को नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्षम नहीं होता, इसलिए अत्यधिक गर्मी उनके लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं को नियमित रूप से स्तनपान कराना, हल्के सूती वस्त्र पहनाना, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना तथा बच्चों को सीधी धूप और गर्म वातावरण से बचाना बेहद आवश्यक है। यदि बच्चे में तेज बुखार, सुस्ती, दूध कम पीना, बार-बार रोना या पेशाब कम होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
टीकाकरण और जागरूकता पर विशेष जोर
डॉ. मलिक का मानना है कि बच्चों को बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका समय पर टीकाकरण है। वे प्रत्येक अभिभावक को अपने बच्चे का टीकाकरण निर्धारित समय पर कराने की सलाह देते हैं। इसके साथ ही वे संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल और नियमित स्वास्थ्य जांच को भी बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक बताते हैं।
क्षेत्र के लोगों का बढ़ता विश्वास
अपने सहज व्यवहार, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और चिकित्सा क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण डॉ. जितेंद्र मलिक आज बागपत जनपद के सबसे भरोसेमंद बाल रोग विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। नवजात शिशुओं से लेकर किशोर आयु तक के बच्चों के उपचार में उनकी विशेषज्ञता के कारण अभिभावक उन पर विशेष भरोसा जताते हैं।
बड़ौत और छपरौली में उनकी उपलब्धता से हजारों परिवारों को लाभ मिल रहा है और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए वे निरंतर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। जनपद में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



