गाजियाबाद
महिलाओं व युवाओं में एड्स जागरुकता को लेकर जन शिक्षण संस्थान सक्रिय

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : जन शिक्षण संस्थान गाजियाबाद के तत्वाधान में आज विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जनपद के खंड रजापुर, मुरादनगर, भोजपुर और लोनी सहित डासना मुख्यालय पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के तहत बुद्ध नगर नसबंदी कॉलोनी, ग्राम सिकरानी, ग्राम बेहटा हाजीपुर,क्ष ग्राम बंथला राम विहार, लक्ष्मी गार्डन इंद्रपुरी 2 नंबर, ग्राम चुड़ियाला तथा संस्थान के डासना कार्यालय में विश्व एड्स दिवस के तहत जागरूकता सेमिनार और संवाद सत्र आयोजित किए गए।
डासना कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (DMPU) से विकास जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में RUDSET के समन्वयक कमरुद्दीन, आरोह फाउंडेशन के समन्वयक रविंद्र नागर, और कुणाल भारद्वाज मौजूद रहे।
खंड लोनी के बुद्ध नगर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. मिथलेश मुख्य अतिथि रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और बताया कि संस्थान विशेष तौर पर महिलाओं और युवाओं के बीच इस बीमारी को लेकर सही जानकारी और जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
मुख्य अतिथि विकास जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “एड्स एक ऐसी बीमारी है जिससे जागरूकता और सावधानी से बचा जा सकता है। सही जानकारी, सुरक्षित व्यवहार और जागरूकता इसका सबसे बड़ा बचाव है।”
लोनी में उपस्थित डॉ. मिथलेश ने बताया कि इस वर्ष की थीम “व्यवधान पर काबू पाना: एड्स प्रतिक्रिया में परिवर्तन” के तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्वभर से एड्स उन्मूलन के प्रयासों में बाधा बन रही असमानताओं को दूर करने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि पिछले 37 वर्षों से हर वर्ष 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य एचआईवी और एड्स के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है।
डॉ. मिथलेश ने बताया कि एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) वह वायरस है जो एड्स का कारण बनता है और इसके बारे में फैली गलत धारणाओं को खत्म करना आवश्यक है।
कार्यक्रमों में लगभग 297 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन संस्थान के कार्यक्रम अधिकारी गुरूदीन द्वारा किया गया।
कार्यक्रमों को सफल बनाने में क्षेत्रीय सहायक मोहित, लेखाधिकारी राम कुमार, कार्यालय सहायक रामराज, समन्वयक अंकित कुमार, तथा अनुदेशिकाओं सरिता देवी, अर्चना सरोज, सुषमा त्यागी, अनीता रुहेला, दीपशिखा, मानसी, निर्मल देवी, सोनम, अदीबा, पुष्पा बिष्ट, सविता, नीलम श्रीधर, शशि पवार सहित सभी स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

