
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। धार्मिक आस्था की आड़ में चल रहा धर्मांतरण का खेल अब विदेशी फंडिंग के जाल तक पहुंच चुका है। एटीएस की गिरफ्त में आए जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि इनकी संस्था के जरिए विदेशों से आए फंड का सीधा इस्तेमाल मुरादाबाद, औरैया और आजमगढ़ के कुछ लोगों तक रकम पहुंचाने में किया गया।
छांगुर बाबा का नेटवर्क सिर्फ यूपी तक नहीं
एजेंसियों को मिले सबूतों के अनुसार, लाखों की रकम अलग-अलग माध्यमों से कई जिलों में भेजी गई। इतना ही नहीं, लखनऊ से बलरामपुर तक बार-बार मोटी रकम ट्रांसफर की गई थी। एजेंसियों ने ट्रांजैक्शन डिटेल्स के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान कर ली है। जल्द ही उनसे पूछताछ की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो छांगुर बाबा का नेटवर्क सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं, बल्कि दिल्ली, बंगाल और दक्षिण भारत में भी उसकी गतिविधियों के संकेत मिले हैं। फिलहाल एटीएस और खुफिया एजेंसियां इस फंडिंग नेटवर्क की हर कड़ी को खंगाल रही हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि फंड का बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवा और जरूरतमंदों की मदद के नाम पर आया, लेकिन इसका इस्तेमाल धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दे में हुआ। अब एजेंसियों की नजर इस पूरे मामले के पीछे छिपे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन पर भी है।



