ललितपुर

 सर्दी में गौवंशों को न हो कोई परेशानी

तरपाल, अलाव, काऊकोट सहित सभी व्यवस्थाएं रखें दुरुस्त : डीएम

शीतलहर के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने कारीपहाड़ी गौशाला की देखी व्यवस्थाएं
अधिकारियों को समय-समय पर गौशालाओं का औचक निरीक्षण करने के दिये निर्देश
पंचायत में बने बायोगैस प्लांट, सर्वर रुम और आटा चक्की का भी किया निरीक्षण
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। शीतलहर के दृष्टिगत जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने शुक्रवार को विकास खण्ड जखौरा स्थित गौवंश आश्रय स्थल कारी पहाड़ी का औचक निरीक्षण कर गौशाला के संचालन, प्रबंधन व गौवंशों के रखरखाव का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें गौशाला में भोजन, पानी सहित गौवंशों के रखरखाव की व्यवस्थाएं दुरुस्त पायी गईं। साथ ही बायोगैस संयत्र व उससे संचालित आटा चक्की को भी देखा। डीएम ने निर्देश दिये कि शीतलहर की स्थिति में सभी गौशालाओं पर विशेष सतर्कता बरती जाए, स्थानीय प्रशासन व ग्राम पंचायत से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाए। बीमार गौवंशों को अन्य गौवंशों से अलग रखकर उपचारित किया जाए और ठण्ड से बचाव हेतु पर्याप्त तरपाल एवं अलाव की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि गौशाओं का समय-समय पर निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि गौवंश को किसी प्रकार की हानि न होने पाए। गौवंश आश्रय स्थल में साफ-सफाई, गौवंशों को भोजन, पीने के लिये पानी व रखरखाव की व्यवस्थाएं संतोषजनक पायी गई। बीमार पशुओं एवं छोटे बछड़ों लिए अलग अलग शेड बने हैं। आकस्मिक समय के लिए भी गौशाला में भूसा, चूनी, साइलेज आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, मौके पर गौवशों को भूसा, चूनी एवं साइलेज मिलाकर खिलाया जा रहा था, साथ ही गौवंश आश्रय स्थल में समस्त श्रमिक/गौसेवक उपस्थित पाये गये। खण्ड विकास अधिकारी जखौरा ने बताया कि गौवंश आश्रय स्थल में कुल 519 गौवंश जिसमें 210 नर एंव 309 मादा हैं, जिनमें 33 बछड़े भी शामिल हैं, इनमें से 492 गौवंशों की टैगिंग व 181 गौवंशो का बधियाकण हो चुका है। यह भी बताया गया कि वर्ष 2023-24 में 68 गौवंशों को सहभागिता योजनान्तर्गत गौपालों को दिया गया है। इसके अलावा 05 गौवंश बीमार हैं, जिन्हें अलग रखकर उनका उपचार किया जा रहा है। गौशाला में नैपियर घास भी लगी है। उन्होंने बताया कि यहां पर 10 पशु शेड, 01 गोदाम, 14 भूसा चरही, 05 पानी चरही बनी हैं, साथ ही सुरक्षा के दृष्टिगत 08 सीसीटीवी कैमरे व 04 माईक लगे हैं। गौशाला में गौवंशों के लिए 174.73 कु0 भूसा, 80 कु0 साइलेज व 23.87 कि0ग्रा0 चूनी उपलब्ध है, जिसमें से 25.95 कु0 भूसा, 15.57 कु0 साइलेज व 6.64 कि0ग्रा0 चूनी एवं की प्रतिदिन की खपत होती है। गौशाला में दिन एवं रात्रि में श्रमिक और गौपालक उपस्थित रहते हैं। इसके अलावा जिलाधिकारी ने पंचायत में बने बायोगैस प्लांट, सर्वर रुम और आटा चक्की का भी निरीक्षण किया। बताया गया कि यह गोबर गैस प्लाण्ट स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत गोबरधन परियोजना के तहत 39.90 लाख की लागत से वर्ष 2022-23 में बनाया गया था, वर्तमान में इससे गांव के 13 परिवारों को कनेक्शन दिये गए हैं, साथ ही इससे आटा चक्की भी संचालित है, जिस पर जिलाधिकारी ने इस अभिनव प्रयास की प्रसंशा की और इस मॉडल को हर ग्राम पंचायत में लागू करने को कहा। उन्होंने सर्वर रुम में जाकर गांव के सीसीटीसी कैमरों का अवलोकन किया और इसकी गांव में सीसीटीवी बढ़ाने के निर्देश दियें।
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