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‘मैं दोषी नहीं…अब भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति’

मादुरो ने सभी आरोपों को किया खारिज, जानें सुनवाई में क्या हुआ

 वॉशिंगटन – वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी अदालत में खुद को निर्दोष बताया है। ड्रग तस्करी और आतंकी साजिश से जुड़े चार गंभीर आरोपों पर सुनवाई हो रही है। मादुरो ने कहा कि वह अपराधी नहीं, बल्कि अपने देश के राष्ट्रपति हैं।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका की एक संघीय अदालत में पहली बार पेश होते हुए खुद को निर्दोष बताया है। ड्रग तस्करी और आतंकी साजिश से जुड़े गंभीर आरोपों पर सुनवाई के दौरान मादुरो ने अदालत से कहा कि वह कोई अपराधी नहीं, बल्कि अभी भी वह अपने देश के निर्वाचित राष्ट्रपति हैं।
अदालत में पेशी के दौरान मादुरो ने जज से कहा, ‘मैं एक सम्मानित व्यक्ति हूं और अपने देश का राष्ट्रपति हूं। मुझे वेनेजुएला के कराकास में मेरे घर से गिरफ्तार किया गया।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें पकड़ा गया है और उनके साथ अन्याय हुआ है। ये कानून का उल्लंघन है। मादुरो ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया। यह उनकी पहली अमेरिकी कोर्ट पेशी थी, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
किस जज के सामने है मामला?
मादुरो के मामले की सुनवाई 92 वर्षीय वरिष्ठ संघीय जज एल्विन के. हेलरस्टीन को सौंपी गई है। जज हेलरस्टीन को 1998 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने नियुक्त किया था। वह न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में 2011 से वरिष्ठ जज के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह 9/11 आतंकी हमलों से जुड़े कई अहम मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े केसों की सुनवाई कर चुके हैं।
मादुरो पर क्या-क्या आरोप हैं?
अमेरिकी जांच एजेंसियों ने मादुरो पर चार गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें नार्को-टेररिज्म की साजिश, कोकीन आयात की साजिश, मशीनगनों और विस्फोटक हथियारों को रखने का आरोप और ऐसे हथियार रखने की साजिश शामिल है। अमेरिका का दावा है कि मादुरो और उनके सहयोगियों ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी को संरक्षण दिया। मादुरो इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं।
वेनेजुएला बनाम अमेरिका टकराव
मादुरो की अमेरिकी अदालत में पेशी को वेनेजुएला-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। वेनेजुएला सरकार इसे संप्रभुता पर हमला बता रही है, जबकि अमेरिका इसे कानून के तहत कार्रवाई करार दे रहा है। इस पूरे मामले ने दुनिया भर के कई देशों को सतर्क कर दिया है, खासकर उन देशों को जो बड़े देशों के साथ राजनीतिक या सैन्य टकराव में हैं। आगे की सुनवाई से यह साफ होगा कि यह मामला कानूनी मोड़ लेता है या राजनीतिक तनाव और बढ़ता है।

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