असम

जूबिन गर्ग की मौत पर न्याय की माँग तेज

सरकार की धीमी जांच पर नाराज़गी। 

विपक्ष और सांस्कृतिक जगत ने भाजपा सरकार की आलोचना की। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

असम के लोकप्रिय गायक और संगीत सम्राट जूबिन गर्ग की रहस्यमयी मौत को लेकर राज्यभर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर हो रहे लगातार विरोध प्रदर्शन और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं ने अब राजनीतिक हलकों में भी भूचाल मचा दिया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकार इस गंभीर मामले को आवश्यक महत्व नहीं दे रही है और राजनीतिक कारणों से जांच को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस, रायजर दल और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार ने न्याय दिलाने में विलंब कर जनता का भरोसा खो दिया है। विपक्ष का तर्क है कि जूबिन गर्ग केवल एक गायक नहीं थे, बल्कि असम की सांस्कृतिक आत्मा और असमिया समाज की भावनाओं के प्रतीक थे। इसलिए उनकी मौत की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच असम के हर नागरिक का अधिकार है।वहीं, सांस्कृतिक जगत के प्रसिद्ध कलाकारों और नाटककारों ने भी सरकार पर नाराजगी जताई है। कई कलाकारों ने कहा, “यदि सरकार सचमुच कलाकारों का सम्मान करती है, तो उसे सच्चाई सामने आने से नहीं डरना चाहिए। जूबिन गर्ग असम के दिलों में जीवित हैं, और उनके न्याय की रक्षा करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है।” राज्यभर में जूबिन गर्ग के प्रशंसक मोमबत्ती मार्च, धरना और न्याय की मांग के साथ विरोध जारी रखे हुए हैं। सोशल मीडिया पर #JusticeForZubeen हैशटैग प्रमुख रूप से ट्रेंड कर रहा है। कई पत्रकारों, साहित्यकारों और संगीतकारों ने सरकार की ढीली जांच पर सवाल उठाते हुए एक स्वतंत्र और गैर-राजनीतिक जांच टीम गठित करने तथा सीबीआई की जांच की मांग की है। इस बीच, राज्य सरकार ने अब तक कोई ठोस बयान या साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे जनता में असंतोष और अधिक बढ़ गया है। कई नागरिकों का कहना है, “असम ने अपना बेटा खोया है, और जब तक उसे न्याय नहीं मिलता, यह आंदोलन नहीं रुकेगा।” राज्य के विभिन्न जिलों और नगरों में एक स्वर गूंज रहा है — “जूबिन गर्ग को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा।” विपक्षी दलों और सांस्कृतिक समाज ने सरकार से अपील की है कि वे राजनीति से ऊपर उठकर जनता की भावना का सम्मान करें और जल्द से जल्द जांच का परिणाम प्रकाशित करें ताकि असम के इस महान कलाकार को सच्चा न्याय मिल सके।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button