बागपत
सचखंडवासी कुसुम इंसा की स्मृति में जिला स्तरीय नाम चर्चा
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। सचखंडवासी सच्ची नम्र सेवादारनी कुसुम इंसान की पावन स्मृति में उनके पैतृक गांव भराला, दौराला में जिला स्तरीय नाम चर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं सच्चे नम्र सेवादारों/सेवादारनियों ने भाग लेकर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनकी सेवा भावना को नमन किया।
कुसुम इंसान ने 31 दिसंबर 2026 को 52 वर्ष की आयु पूर्ण कर इंसानियत की सेवा करते-करते अपने सतगुरु के चरणों में ओढ़ निभाते हुए सचखंड गमन किया। शरीर त्यागने से एक सप्ताह पूर्व उन्होंने अपनी छोटी पुत्री कशिश की शादी सच्चे नम्र सेवादार रामवीर इंसान (निवासी नरेला, दिल्ली) के पुत्र मोहित के साथ संपन्न कर अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूर्ण किया। बड़ी पुत्री एवं पुत्र का विवाह वह पूर्व में ही कर चुकी थीं।
बताया गया कि शरीर त्यागने के दिन भी उन्होंने दिनभर सेवा कार्य किया। शाम लगभग 4 बजे घर लौटकर छोटी पुत्री और पुत्र से दूरभाष पर बातचीत की तथा उसके पश्चात चारपाई पर बैठे-बैठे ही चोला त्याग दिया। उनके इस शांत एवं सेवा-भाव से परिपूर्ण जीवन को संगत ने “बड़भागी रूह” बताते हुए याद किया।
अपने पीछे वह पति यशपाल इंसान, बड़ी पुत्री सोनिया इंसान, दामाद सुमित इंसान, धेवता सुखमीत इंसान, छोटी पुत्री कशिश इंसान, दामाद मोहित इंसान, पुत्र आशीष इंसान, पुत्रवधू श्वेता इंसान तथा पौत्र मानवीर को छोड़ गई हैं।
नाम चर्चा के दौरान परिवार की ओर से पूज्य संत डॉ. एमएसजी की पावन प्रेरणा से 10 जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित की गई। साथ ही उनकी अस्थियों पर पारिवारिक सदस्यों द्वारा दो पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन सच्चे नम्र सेवादार धर्म सिंह इंसान ने किया। कविराज भाइयों ने चेतावनी प्रथाएं शब्द प्रस्तुत किए तथा वक्ताओं ने पूज्य संत डॉक्टर एमएसजी द्वारा रचित ग्रंथों से संबंधित प्रकरण साध संगत को सुनाए। नाम चर्चा के पश्चात साध संगत द्वारा कुछ समय के लिए सिमरन भी किया गया।
इस अवसर पर सेवाराम मलिक इंसान, अंकित इंसान, रवि इंसान, जयदेव इंसान, राजेंद्र इंसान, सतीश पठनपुरिया, रकम सिंह इंसान, सतीश गुप्ता, योगेंद्र इंसान, बहन रेखा इंसान, कमलेश इंसान सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
संगत एवं परिजनों ने कुसुम इंसान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके सेवा-समर्पण भरे जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।



