
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत। सहकार भारती बागपत कार्यकारिणी की बैठक रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर, चमरावल रोड पर सम्पन्न हुई। बैठक का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना व राष्ट्रगीत से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह उज्ज्वल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सहकार भारती के प्रदेश संगठन प्रमुख कर्मवीर, प्रदेश विधि प्रमुख वीरेन्द्र पाण्डेय एवं प्रदेश सह प्रमुख हरेन्द्र चौधरी (पूर्व उपनिबंधक) उपस्थित रहे।
बैठक में सबसे पहले हरेन्द्र चौधरी ने सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने संगठन की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए आगामी 5 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधियों का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक उत्थान और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी है।
विशिष्ट अतिथि वीरेन्द्र पाण्डेय ने अपने संबोधन में सहकार भारती के इतिहास, सहकारिता आंदोलन की उत्पत्ति और उसकी उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे सहकारिता ने किसानों, श्रमिकों और समाज के कमजोर वर्गों को मजबूती दी है।
प्रदेश संगठन प्रमुख कर्मवीर ने सहकारिता में आ रहे नए बदलावों और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकार भारती लगातार सहकारी समितियों, सहकारी बैंकों और अन्य संस्थाओं को आ रही समस्याओं का समाधान खोजने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सहकारिता ही भारत की आर्थिक रीढ़ को मजबूती प्रदान कर सकती है।
बैठक में सहकारी बैंक के निदेशक रविन्द्र ने भी विचार रखे और सहकारी बैंकों की भूमिका को विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम का संचालन रविन्द्र कौशिक ने किया। इस अवसर पर महिपाल कश्यप, जसविन्द्र कश्यप, सुनील दीक्षित, विनोद, शुभम सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे। सभी ने संकल्प लिया कि सहकार भारती के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को गांव-गांव तक पहुँचाया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा।
बैठक के समापन पर जिला अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह उज्ज्वल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकार भारती बागपत संगठनात्मक एकता और सामाजिक उत्थान की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।



