गाजियाबाद

लोनी नगर पालिका में 12 करोड़ का ईएसआई-ईपीएफ घोटाला! 

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी कार्रवाई शून्य, अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाजियाबाद)। नगर पालिका परिषद लोनी में सफाई व्यवस्था के नाम पर करोड़ों रुपये की बंदरबांट और सफाई मित्रों के हक पर खुलेआम डाका डालने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि माननीय मुख्यमंत्री को शिकायत दिए जाने के महीनों बाद भी प्रशासनिक तंत्र गहरी नींद में सोया हुआ है, जबकि करीब 93 करोड़ के दो वर्षीय टेंडर और लगभग 12 करोड़ रुपये के ईएसआई-ईपीएफ गबन की आशंका इस मामले में जताई जा रही है।
आरोप है कि अधिशासी अधिकारी ने नियमों और बोर्ड प्रस्तावों को दरकिनार कर अपने निजी लाभ के लिए एक ही पुरानी एजेंसी को 4 करोड़ 42 लाख रुपये प्रतिमाह का भारी-भरकम ठेका थमा दिया। जबकि बोर्ड सदस्यों ने साफ तौर पर क्षेत्र को चार जोनों में बांटकर चार निविदाएं निकालने का प्रस्ताव पारित किया था, ताकि प्रतिस्पर्धा से गुणवत्ता बढ़े और सरकारी धन की बचत हो। लेकिन अधिकारी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ठेंगा दिखाते हुए मनमानी कर दी।
1885 सफाई मित्रों के हक पर डाका
सबसे गंभीर आरोप यह है कि 1885 सफाई मित्रों के ईएसआई और ईपीएफ के नाम पर लगभग 12 करोड़ रुपये की रकम कहा गायब हो गई यह अभी तक किसी को नहीं पता। कर्मचारियों को न तो उनकी कटौती का लाभ मिला और न ही स्वास्थ्य सुविधाएं। अनुबंधित कंपनी द्वारा
न तो ई सी आर स्लिप सार्वजनिक की गई, न स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए गए, न ही कर्मचारियों को कोई पारदर्शिता दिखाई गई। यह सीधे-सीधे गरीब सफाई कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़
 सरकारी आदेशों की नगरपालिका में खुली अवहेलना
मुख्यमंत्री स्तर पर इस मामले की शिकायत होने के बावजूद कोई जांच नहीं होना प्रशासनिक मिलीभगत की बू आती है। 31/12/2025 को अनुबंध समाप्त होने के बाद भी न नया टेंडर, न बोर्ड मीटिंग फिर सवाल उठता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब खेल चल रहा है? कहीं इसके पीछे
कमीशनखोरी का खेल तो नहीं?
स्थानीय प्रतिनिधियों का आरोप है कि जब अधिकारी पहले ही कमीशन ले चुके हों तो ठेकेदार कर्मचारियों का ईएसआई-ईपीएफ क्यों जमा करेगा? नतीजा साफ है  8 से 10 हजार में काम करने वाले सफाई मित्र शोषण का शिकार और अधिकारी मलाई काटने में व्यस्त तो होंगे ही,इस मामले की
जांच और दोषियों पर FIR की मांग, नगरपालिका वार्ड संख्या 2 की
सभासद पूजा एलम ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और एस सी एस टी आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर पूरे मामले की SIT या विजिलेंस जांच, पुलिस FIR और दोषी अधिकारियों की सेवा समाप्ति की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके का आर्थिक अपराध है। लोनी की
जनता सवाल पूछ रही है
क्या गरीब सफाई कर्मचारियों का पैसा खाने वालों पर सरकार कार्रवाई करेंगी?
या फिर यह मामला फाइलों में ही दब जाएगा लगभग 12 करोड़ का घोटाला?
लोनी की जनता अब जवाब चाहती है  जांच या संरक्षण? न्याय या भ्रष्टाचार?
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