उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जनगणना को बताया देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रिया
Deputy Commissioner Megha Bhardwaj described the census as the most important administrative and statistical process of the country.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। जनगणना-2027 के सफल संचालन को लेकर गुरुवार को हिरणपुर प्रखंड सभागार में प्रगणकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज ने भाग लेते हुए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रगणकों को जनगणना की प्रक्रिया, उसकी उपयोगिता एवं कार्य संबंधी जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी।
उपायुक्त ने कहा कि भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जो देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण एवं नीतिगत निर्णयों के लिए आधार का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इसकी शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रगणक विशेष मोबाइल एप के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़ों का संग्रहण करेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनेगी। जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं भवन गणना तथा द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 मई से 15 मई 2026 तक सेल्फ एन्यूमरेशन, 16 मई से 14 जून 2026 तक हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन तथा फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना प्रस्तावित है। उपायुक्त ने सभी प्रगणकों से पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी का प्रभावी उपयोग क्षेत्रीय कार्यों में करें, ताकि जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों एवं आमजनों से भी जनगणना-2027 में सक्रिय सहयोग देने तथा निर्धारित अवधि के दौरान सेल्फ एन्यूमरेशन एवं हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।



