बागपत
बड़ौत के लच्छी राम जोहड़ पर भूमाफियाओं की नजर
दिल्ली-सहारनपुर रोड स्थित तालाब पर अवैध कब्जे का आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत। नगर के व्यस्ततम दिल्ली-सहारनपुर रोड स्थित ऐतिहासिक लच्छी राम जोहड़ (तालाब) पर लगातार बढ़ते अवैध अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। आरोप है कि भूमाफिया रातों-रात लोहे के टीन शेड डालकर निर्माण कार्य कर रहे हैं और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा जमाने की कोशिश खुलेआम जारी है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लच्छी राम जोहड़ केवल एक तालाब नहीं, बल्कि क्षेत्र की जल संरक्षण व्यवस्था और सार्वजनिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बावजूद भू-माफिया सुनियोजित तरीके से तालाब की भूमि को कब्जाने में जुटे हैं। लोगों के अनुसार देर रात टीन शेड, अस्थायी ढांचे और निर्माण सामग्री लगाकर भूमि पर धीरे-धीरे स्थायी कब्जे की तैयारी की जा रही है।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल बिना प्रशासनिक शिथिलता के संभव नहीं हो सकता। सवाल उठ रहे हैं कि जब मुख्य मार्ग पर खुलेआम निर्माण कार्य चल रहा है तो आखिर नगर पालिका, राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारी इसे रोकने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो शासन-प्रशासन ने आंखों पर पट्टी बांध रखी हो।
लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि पुलिस विभाग भी मामले में मौन साधे हुए है। आमजन पूछ रहे हैं कि यदि सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण हो रहा है तो कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियां निष्क्रिय क्यों हैं। इससे भूमाफियाओं के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि तालाबों पर अतिक्रमण केवल भूमि कब्जे का मामला नहीं, बल्कि भविष्य के जल संकट को न्योता देना भी है। एक ओर सरकार जल संरक्षण, तालाब पुनर्जीवन और पर्यावरण सुरक्षा की योजनाओं पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर ऐसे जल स्रोतों को भूमाफिया निगलते जा रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी, तहसील प्रशासन और मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, अवैध निर्माण तत्काल रुकवाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन किया जाएगा।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें:
लच्छी राम जोहड़ की भूमि की तत्काल पैमाइश कराई जाए।
अवैध निर्माण व टीन शेड हटाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया जाए।
भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो।
संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच हो।
तालाब संरक्षण हेतु स्थायी सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए।
जनता का सवाल:
जब सार्वजनिक तालाब पर खुलेआम कब्जा हो रहा है, तो आखिर प्रशासन की चुप्पी किसके हित में है? बड़ौत की जनता अब जवाब चाहती है।


