असम के नगांव जिला प्रशासन की अगुवाई में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता रैली और सभा।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के नगाँव में जिला प्रशासन तथा जिला तंबाकू नियंत्रण कोश के संयुक्त प्रयास और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह नगाँव विश्वविद्यालय चौक से एक जागरूकता रैली के साथ हुई, जिसका उद्घाटन जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा ने किया। उद्घाटन भाषण में जिला आयुक्त ने कहा कि तंबाकू हमारे समाज के लिए विनाशकारी है। उन्होंने बताया कि अक्सर गुटखा सेवन से शुरुआत होती है, जो बाद में सिगरेट, बीड़ी और कुछ मामलों में नशीली दवाओं की ओर ले जा सकती है। ऐसे में समाज की उन्नति के लिए तंबाकू के प्रयोग को रोकना अत्यावश्यक है। उपायुक्त ने उपस्थित सभी से न केवल स्वयं तंबाकू से दूर रहने का संकल्प लेने को कहा, बल्कि शांति से दूसरों को भी तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में समझाने का शपथ दिलाया। इसके बाद वे स्वयं रैली का नेतृत्व करते हुए नगाँव शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकले। रैली के पश्चात् विश्वविद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित सभा को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जगत दास, जिला तंबाकू नियंत्रण कोश की कार्यभारवाहिका डॉ. स्मिताक्षी फुकन , नगाँव विश्वविद्यालय के कार्यभारवाहक कुलपति ध्रुवज्योति बरुआ , तेजपुर कैंसर केन्द्र के अधीक्षक डॉ. डी. जे. बोरा तथा जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी विकास शर्मा सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। डॉ. स्मिताक्षी फुकन ने तंबाकू से संबंधित कानूनों और उनके अनुपालन के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट रूप से समझाया। डॉ. डी. जे. बोरा ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से तंबाकू से होने वाले कैंसर तथा अन्य स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में वैज्ञानिक और प्रामाणिक जानकारी दी, जिससे उपस्थित श्रोता गम्भीर रूप से प्रभावित हुए।सभी वक्ताओं ने तंबाकू के उपयोग को रोकने के लिए सामुदायिक सहयोग, शिक्षा और क़ानूनी सख़्ती की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान World No Tobacco Day के उपलक्ष्य में स्कूल के विद्यार्थियों के बीच आयोजित रचना प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं तंबाकू से परहेज़ करें, बच्चों और युवाओं को इस खतरे के प्रति जागरूक करें और नियमों का पालन सुनिश्चित करवाएँ ताकि एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण हो सके।



