बागपत

गर्मी और उमस भरे मौसम में आँखों और हड्डियों की देखभाल बेहद जरूरी

विशेषज्ञों की सलाह: सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। गर्मी और उमस भरे मौसम का असर केवल शरीर की ऊर्जा पर ही नहीं पड़ता, बल्कि यह हमारी आँखों और हड्डियों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। तेज धूप, बढ़ता तापमान, धूल-मिट्टी, प्रदूषण और शरीर में पानी की कमी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है। ऐसे मौसम में यदि समय रहते सावधानी न बरती जाए तो आँखों में संक्रमण, एलर्जी, जलन और हड्डियों व जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वत्सला निधि और ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शेखर तोमर का मानना है कि थोड़ी सी जागरूकता और नियमित देखभाल अपनाकर गर्मी के मौसम में भी स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
गर्मी में आँखों की सुरक्षा क्यों जरूरी?
डॉ. वत्सला निधि बताती हैं कि गर्मियों में सूर्य की पराबैंगनी (UV) किरणें अधिक प्रभावशाली हो जाती हैं। लगातार धूप में रहने से आँखों में सूखापन, जलन, लालिमा, खुजली और एलर्जी की शिकायत बढ़ सकती है। इसके अलावा धूल और प्रदूषण के कारण आँखों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
उन्होंने सलाह दी कि घर से बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाले सनग्लास पहनें। इससे आँखों को धूप और धूल दोनों से सुरक्षा मिलती है। तेज धूप में सीधे सूर्य की ओर देखने से बचना चाहिए और आँखों को बार-बार हाथ लगाने या रगड़ने की आदत छोड़नी चाहिए।
स्क्रीन टाइम भी बढ़ा रहा खतरा
आज के डिजिटल युग में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का अत्यधिक उपयोग आँखों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। लगातार स्क्रीन देखने से आँखों में थकान, सिरदर्द और सूखापन महसूस हो सकता है। इसके लिए 20-20-20 नियम अपनाना लाभदायक है। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।
पानी और पोषण का रखें ध्यान
गर्मी में शरीर में पानी की कमी का सीधा असर आँखों पर भी पड़ता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नारियल पानी, फल और हरी सब्जियों का सेवन करना आँखों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। दिन में दो से तीन बार साफ और ठंडे पानी से आँखों को धोना भी लाभदायक माना जाता है।
हड्डियों और जोड़ों पर भी पड़ता है मौसम का असर
प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शेखर तोमर के अनुसार गर्मी और उमस के मौसम में शरीर में पानी और खनिज तत्वों की कमी होने लगती है, जिसका प्रभाव हड्डियों और मांसपेशियों पर भी पड़ता है। डिहाइड्रेशन के कारण मांसपेशियों में खिंचाव, कमजोरी और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
उन्होंने बताया कि कई लोग गर्मी के कारण शारीरिक गतिविधियाँ कम कर देते हैं, जिससे शरीर की हड्डियाँ और मांसपेशियाँ कमजोर होने लगती हैं। नियमित व्यायाम, हल्की वॉक और योग करना हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
कैल्शियम और विटामिन-डी है जरूरी
डॉ. तोमर के अनुसार हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन-डी बेहद महत्वपूर्ण हैं। दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियाँ और सूखे मेवे कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। वहीं सुबह की हल्की धूप विटामिन-डी प्राप्त करने का सबसे अच्छा माध्यम है।
दुर्घटनाओं से बचाव भी जरूरी
गर्मी में थकान और चक्कर आने की संभावना अधिक रहती है, जिससे गिरने और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतनी चाहिए। सीढ़ियों, फिसलन वाली जगहों और सड़क पर चलते समय सतर्क रहना आवश्यक है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे अक्सर धूप में खेलते समय आँखों और शरीर की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देते, जबकि बुजुर्गों की हड्डियाँ और आँखें अपेक्षाकृत अधिक संवेदनशील होती हैं। इसलिए इन दोनों वर्गों को धूप, धूल और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि आँखों में लगातार जलन, लालिमा, दर्द, धुंधला दिखाई देना या अत्यधिक पानी आना जैसी समस्या हो तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें। वहीं हड्डियों या जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन, चलने-फिरने में कठिनाई या चोट लगने पर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
डॉ. वत्सला निधि और डॉ. शेखर तोमर का मानना है कि गर्मी और उमस भरे मौसम में स्वास्थ्य की अनदेखी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है। पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक भोजन लेना, नियमित व्यायाम करना, आँखों को धूप और धूल से बचाना तथा समय-समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना स्वस्थ जीवन की कुंजी है। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता अपनाकर हम न केवल अपनी आँखों बल्कि अपनी हड्डियों को भी लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रख सकते हैं। आनंद हॉस्पिटल दिल्ली सहारनपुर रोड बड़ौली बड़ौत
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