बागपत
जगतगुरु डॉ. तेजबीर सिंह खोखर को पर्यावरण रक्षकों ने भेंट किए तुलसी के 101 पौधे
वन महोत्सव अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक जागरूकता का दिया संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
छपरौली (बागपत) : वन महोत्सव अभियान के अंतर्गत सामाजिक संस्था आंखें मीडिया सोशल नेटवर्क के पर्यावरण रक्षकों ने क्षेत्र के गांव हलालपुर स्थित काली खोलीधाम बाबा मोहनराम मंदिर में विशेष पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर संस्था के समाजसेवी आर.आर.डी. उपाध्याय, रवि कुमार एडवोकेट, सुनील कुमार आर्य और राकेश सरोहा ने मंदिर के संस्थापक एवं जगतगुरु डॉ. तेजबीर सिंह खोखर को श्रद्धापूर्वक तुलसी के 101 पौधे भेंट किए तथा श्रद्धालुओं को इन पौधों का वितरण कर अधिक से अधिक पौधारोपण करने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जगतगुरु डॉ. तेजबीर सिंह खोखर ने कहा कि सनातन संस्कृति में तुलसी का पौधा अत्यंत पवित्र एवं पूजनीय माना गया है। इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप तथा भगवान विष्णु की प्रिय “हरिप्रिया” कहा जाता है। उन्होंने कहा कि तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। तुलसी का पौधा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का माध्यम भी माना जाता है। नियमित रूप से तुलसी की पूजा एवं सेवा करने से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का वातावरण बना रहता है।
समाजसेवी आर.आर.डी. उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि तुलसी केवल सनातन धर्म ही नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक परंपराओं में भी सम्मान का स्थान रखती है। उन्होंने बताया कि उर्दू में तुलसी को ‘नियाज़बू’ तथा पवित्र कुरआन में ‘अर-रेहान’ अर्थात जन्नत का पौधा कहा गया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में तुलसी को औषधीय गुणों से भरपूर अमृत समान पौधा माना गया है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी रोगों से बचाव, सर्दी-जुकाम तथा अनेक बीमारियों में लाभकारी सिद्ध होती है।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे। तुलसी जैसे औषधीय एवं पर्यावरण हितैषी पौधों का रोपण समाज को स्वस्थ, स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का वचन दिया।
इस अवसर पर जगतगुरु डॉ. तेजबीर सिंह खोखर, नरेन्द्र आर्य, रामनिवास त्यागी, मनमोहन जिंदल, प्रहलाद, सुनील कुमार आर्य, समाजसेवी आर.आर.डी. उपाध्याय, रवि कुमार एडवोकेट, राकेश सरोहा सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



