उत्तरकाशी

भंडारस्यू दशगी क्षेत्र में सोलर एनर्जी के उत्पादन के बाबजूद भारी विधुत कटौती ।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

उत्तरकाशी : उत्तरकाशी के डुण्डा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली भण्डारस्यू पट्टी और दसगी पट्टी के दर्जनों गाँवों की कड़वी हकीकत यह है कि इन क्षेत्रों में दिनभर बिजली सिर्फ इसलिए काट दी जाती है क्योंकि क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को UPCL, अधिकारियों ने बताया कि “विद्युत उत्पादन बहुत ज्यादा हो रहा है!” शायद आप भी यह तर्क पहली बार सुन रहे होंगे, क्योंकि आज तक सबने यही सुना था कि विद्युत उत्पादन में कमी के कारण कटौती होती है।
लेकिन सच यह है कि यह विभाग की लचर व्यवस्था का जीता-जागता सबूत है। सरकार और प्रशासन ने स्वरोजगार के नाम पर लाखों-करोड़ों का निवेश करवाकर सोलर प्लांट तो लगवा दिए, लेकिन उस से उत्पादित बिजली को संभालने और आगे सप्लाई बढाने के लिए UPCL के पास आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी व्यवस्था ही नहीं है! विभाग की इसी प्रशासनिक विफलता की भारी कीमत यहाँ की जनता और छोटे व्यापारी चुका रहे हैं।

इस समय पहाड़ों में भी गर्मी पड़ रही है। इस तपते मौसम में दिन के समय 3 से 4 घंटे की नियमित कटौती से भारी नुकसान हो रहा है:
छोटे और लघु उद्योग: वर्कशॉप, मशीनें, चक्की और अन्य छोटे उद्योग दिन के पीक बिजनेस ऑवर्स में पूरी तरह ठप हो जाते हैं, जिससे कामगारों और मालिकों दोनों को भारी नुकसान हो रहा है।
गर्मियों में दुकानदारों के फ्रीज और डीप-फ्रीजर में हजारों का सामान (दूध, पनीर, फल, सब्जियां, कोल्ड ड्रिंक्स) भरा रहता. है। दिन की इस लंबी कटौती के कारण कीमती सामान खराब हो रहा है, जिससे छोटे दुकानदारों पर बहुत बड़ा वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
इस समय पवित्र गंगोत्री यमुनोत्री धाम की यात्रा चरम पर है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु देवभूमि आ रहे हैं। इस मुख्य यात्रा मार्ग पर स्थित कल्याणी, बह्मखाल, गेवला, मरगांव, स्यालना और सिलक्यारा जैसे प्रमुख पड़ाव, होटल और बाजार इस बिजली कटौती के कारण गंभीर अव्यवस्था से जूझ रहे हैं। देशी-विदेशी यात्रियों के सामने उत्तराखंड की छवि पर भी इसका बेहद नकारात्मक असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने ज़िलाधिकारी उत्तरकाशी और UPCL के स्थानीय अधिकारियों को लिखित रूप से इस समस्या के संबंध में कई बार अवगत कराया जा चुका है।
वहीं UPCL के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) से भी क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने व्यक्तिगत मुलाकात कर पूरी तकनीकी दिक्कतों की जानकारी दी थी।
क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर इस गंभीर समस्या पर विस्तृत चर्चा की ।
शीर्ष नेतृत्व से उच्च स्तरीय वार्ता के बावजूद, धरातल पर यूपीसीएल (UPCL) द्वारा सप्लाई व्यवस्था को सुधारने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
क्षेत्रवासीयों नें मुख्यमंत्री , जिलाधिकारी और UPCL प्रबंधन से पुनः पुरजोर मांग करते हैं कि सब-स्टेशन और ग्रिड की क्षमता को तुरंत अपग्रेड किया जाए। यमुनोत्री मार्ग के मुख्य पड़ावों, भण्डारस्यू और दसगी पट्टी के सभी गांवों और बाजारों में निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, अन्यथा प्रभावित ग्रामीण और समस्त व्यापारी संगठन एकजुट होकर आंदोलन के लिए बाध्य होगें ।

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