
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। राजघाट बांध क्ै डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में मत्स्य आखेट (मछली पकडऩे) की नीलामी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय मछुआरों एवं छोटे ठेकेदारों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2026-27 की नीलामी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि वर्ष 1999 से राजघाट बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में मत्स्य आखेट की नीलामी प्रतिवर्ष विधिवत विज्ञप्ति जारी कर कराई जाती रही है। आरोप है कि वर्ष 2026-27 के लिए अब तक कोई सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है, जबकि संबंधित क्षेत्र को कथित रूप से बिना नीलामी के ही शामिल कर लिया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस प्रक्रिया में बेतवा रिवर बोर्ड के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत होने की आशंका है। उनका आरोप है कि बिना पारदर्शी नीलामी के कार्य आवंटित किए जाने से छोटे ठेकेदारों और मछुआरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इससे उनके परिवारों के भरण-पोषण तथा बच्चों की शिक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए तथा नियमों के अनुसार सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी कर नीलामी प्रक्रिया संपन्न कराई जाए। ज्ञापन पर मोहसिन खान, मोनू राजा, विनय विश्वकर्मा आदि के हस्ताक्षर हैं।
मुख्य मांगें
मत्स्य आखेट नीलामी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच। कथित अनियमितताओं की कानूनी जांच एवं कार्रवाई। सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी कर नियमानुसार नीलामी कराई जाए। छोटे ठेकेदारों एवं मछुआरों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।



