
लखनऊ । अब मौसम के अनुमान पहले से ज्यादा सटीक होते हैं। पहले भविष्यवाणी की जाती थी कि बारिश होगी लेकिन नहीं होती थी पर अब मौसम संबंधी भविष्यवाणी ज्यादा सटीक होती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक को बेहतर करने से अब मौसम से संबंधित भविष्यवाणी सटीक होती है जबकि पहले मौसम अनुमान गलत होते थे। इससे विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जन व धन हानि में कमी आई है। उन्होंने सहारनपुर का एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि क्षेत्र के शांकुबरी मंदिर में लोग कीर्तन कर रहे थे। काफी भीड़ थी लेकिन मौसम अनुमान सटीक होने के कारण भारी बारिश का अलर्ट मिला और वहां मौजूद लोगों को हटा दिया गया जिससे कि जनहानि होने से बच गई। अन्यथा शिवालिक की पहाड़ियों पर बारिश होने ने नीचे के स्थानों पर बाढ़ जैसा माहौल हो जाता था इससे लोगों को मुश्किल होती थी। कई बार ये स्थानीय लोगों के लिए आपदा बन जाता था पर अब तकनीक के बेहतर उपयोग से होने वाली जन धन हानि को कम कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षोों में तकनीक के उपयोग से लोगों को लाभ देने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। यही कारण है कि अब मौसम के अनुमान पहले से ज्यादा सटीक होते हैं। पहले भविष्यवाणी की जाती थी कि बारिश होगी लेकिन नहीं होती थी पर अब मौसम संबंधी भविष्यवाणी ज्यादा सटीक होती है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्राचीन काल से ही जब से मनुष्य ने अपनी बुद्धिमत्ता का प्रयोग करना शुरू किया तब से मौसम के अनुमान को लेकर प्रयासरत रहा है। पहले पंचांग की गणनाओं को आधार बनाकर मौसम की भविष्यवाणी की जाती थी। वहीं, लोक परंपरा व लोक कहावतों में लोग अनुमान लगाया करते थे कि एक खास चिड़िया ये बोली बोल रही है अब ऐसा मौसम आने वाला है। अब मौसम विभाग की मदद से हमें पहले जानकारी मिल जाती है।



