
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत/बरनावा : विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर डेरा सच्चा सौदा ने थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को नियमित रक्त उपलब्ध कराने के लिए देशव्यापी विशेष अभियान की शुरुआत की है। ऑनलाइन सत्संग के दौरान पूज्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा ने देश-विदेश की साध-संगत से थैलेसीमिया मरीजों के लिए रक्तदाता समितियां गठित करने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल रक्तदान करने का संकल्प दिलाया।
पूज्य गुरु जी ने कहा कि थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों को जीवनभर नियमित रक्त की आवश्यकता होती है। कई बार समय पर रक्त उपलब्ध नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में साध-संगत मरीजों के लिए परिवार की तरह सहयोग करते हुए उनकी रक्त संबंधी जरूरतों को पूरा करेगी।
अभियान के तहत प्रत्येक क्षेत्र में रक्तदाता टीमें बनाई जाएंगी, जो अपने क्षेत्र के थैलेसीमिया मरीजों का डाटा तैयार कर नियमित संपर्क में रहेंगी। मरीज को जब भी रक्त की आवश्यकता होगी, टीम के सदस्य तत्काल रक्तदाताओं की व्यवस्था कर सहायता पहुंचाएंगे। इससे मरीजों को रक्त के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।
मेरठ, बरनावा तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने रक्तदान कर इस मुहिम का समर्थन किया। साध-संगत में अभियान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। युवाओं, महिलाओं और सेवादारों ने भविष्य में भी नियमित रक्तदान करने तथा थैलेसीमिया मरीजों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।
डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत अब तक 33 लाख यूनिट से अधिक रक्तदान कर मानवता सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। संगठन का दावा है कि रक्तदान के क्षेत्र में उसने अनेक रिकॉर्ड भी स्थापित किए हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के जिम्मेदार सेवादारों रामकुमार, महेंद्र, सोनू, पवन फौजी, सतीश लाला, नरेंद्र, रामखिलाड़ी तथा महिला सेवादार बबली, सीमा, रेखा, सुमन और सुनीता सहित अन्य पदाधिकारियों ने बरनावा और मेरठ स्थित डेरों पर बैठक कर अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर में समितियों के गठन और उसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए।
विशेषज्ञों के अनुसार थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त रोग है, जिसमें मरीजों को निश्चित अंतराल पर रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में नियमित रक्त उपलब्ध कराने की यह पहल हजारों मरीजों के लिए राहत का कारण बन सकती है और उन्हें बेहतर उपचार प्राप्त करने में मदद मिलेगी।



