जालौन

15 दिनों से अंधेरे में सालाबाद: ओवरलोड ट्रांसफार्मर, जर्जर लाइन और टूटते खंभों से ग्रामीण परेशान

बार-बार फॉल्ट से चरमराई बिजली व्यवस्था, शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई; ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
जालौन। विकासखंड जालौन के ग्राम सालाबाद में पिछले 15 से 20 दिनों से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। लगातार हो रहे फॉल्ट, बार-बार टूटती लाइनें और ओवरलोड ट्रांसफार्मर के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में दिनभर में चार से पांच बार बिजली लाइन टूट जाती है, जिससे बार-बार लाइनमैन को बुलाना पड़ता है। आरोप है कि लाइन ठीक कराने के दौरान उनसे रुपये भी मांगे जाते हैं, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान कर दिया जाए तो बार-बार लाइन टूटने और फॉल्ट होने की नौबत ही न आए। कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
गांव के ट्रांसफार्मर के समीप दुकान संचालित करने वाले एक दुकानदार ने बताया कि ट्रांसफार्मर में अक्सर स्पार्किंग और आग लगने जैसी घटनाएं होती रहती हैं। ट्रांसफार्मर के आसपास लोगों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। दुकानदार का कहना है कि यदि किसी दिन आग ज्यादा भड़क गई तो उसकी दुकान भी इसकी चपेट में आ सकती है। उन्होंने मांग की है कि या तो ट्रांसफार्मर को दुरुस्त कराया जाए अथवा बढ़ते लोड को देखते हुए एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए, ताकि बिजली आपूर्ति सुचारू रह सके और बार-बार फॉल्ट की समस्या समाप्त हो।
दुकानदार ने बताया कि उन्होंने अवर अभियंता (जेई) नवीन कनौजिया को दो से तीन बार प्रार्थना पत्र देकर ट्रांसफार्मर हटवाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई स्थानों पर बिजली के खंभे जर्जर हालत में खड़े हैं। एक 11 हजार वोल्ट की लाइन का खंभा पिछले तीन-चार महीनों से पेड़ के सहारे टिका हुआ है, जो कभी भी गिर सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे गांव में बिजली लाइन का अत्यधिक विस्तार होने के कारण ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जाता है और वह बार-बार फॉल्ट कर जाता है। गांव में कुछ अतिरिक्त ट्रांसफार्मर पहले से रखे हुए हैं, लेकिन उन्हें अभी तक चालू नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन ट्रांसफार्मरों को संचालित कर दिया जाए तो लोड का बंटवारा हो जाएगा और बार-बार होने वाले फॉल्ट से राहत मिल सकेगी।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर जर्जर लाइन, खतरनाक खंभों और ओवरलोड ट्रांसफार्मर की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
वहीं, इस संबंध में विद्युत विभाग का पक्ष जानने के लिए उपखंड अधिकारी (एसडीओ) जालौन से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
इस दौरान ग्रामीण कढ़ौरे कुशवाहा, महेंद्र पटेल, मनोहर कुशवाहा, संतोष कुशवाहा, मारुति नंदन, वकील पटेल एवं गुड्डन पालीवाल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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