बागपत
ड्रोन तकनीक से रूबरू हुईं बेटियां, योग व संस्कारों का मिला संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बड़ौत। आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के तत्वावधान में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल, बड़ौत में आयोजित संस्कार आवासीय शिविर के छठे दिन बेटियों को आधुनिक तकनीक, योग, आत्मरक्षा और जीवन मूल्यों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में ड्रोन उड़ान का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे देखकर बेटियां रोमांचित हो उठीं।
शिविर में शिक्षिका सिमरन आर्या ने छात्राओं को सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, जूडो-कराटे, तलवार एवं भाला संचालन का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा का ज्ञान बेटियों को आत्मविश्वासी और सशक्त बनाता है तथा विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करता है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रवि शास्त्री ने ड्रोन उड़ाकर छात्राओं को आधुनिक तकनीक की उपयोगिता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन तकनीक का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। कृषि, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, सर्वेक्षण और रक्षा क्षेत्र में ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज युद्ध के मैदान में भी ड्रोन का विशेष महत्व है और युवा पीढ़ी यदि इस तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त करे तो उसके लिए रोजगार और करियर के नए अवसर खुल सकते हैं।
रवि शास्त्री ने छात्राओं को जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि मन में आशा का दीपक सदैव जलाए रखना चाहिए। आशा ही सफलता और सुख प्राप्ति का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के मन में डॉक्टर, इंजीनियर, पायलट, वकील, विद्वान या समाजसेवी बनने जैसी अनेक इच्छाएं होती हैं। इन इच्छाओं को पूरा करने के लिए परिश्रम, धैर्य और सकारात्मक आशा आवश्यक है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक अपेक्षाएं कई बार व्यक्ति को चिंता, क्रोध, तनाव और अवसाद की ओर भी ले जा सकती हैं। इसलिए संतुलित सोच के साथ ईमानदारी और पुरुषार्थ के मार्ग पर चलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि माता-पिता, गुरुजनों और समाज के सहयोग से ही विद्यार्थी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। जीवन में सफलता के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और प्रसन्नचित्त रहना बेहद आवश्यक है।
प्रोफेसर सुरेंद्र पाल आर्य ने कहा कि योग विद्यार्थी जीवन को सुंदर, स्वस्थ और अनुशासित बनाता है। योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का आधार बनती है। उन्होंने छात्राओं से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
शिविर में योगाचार्य सुजाता आर्या, प्रधानाचार्य रामपाल सिंह, धर्मपाल सिंह त्यागी, कपिल आर्य, सविता आर्या, ऋषिपाल आर्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बना रहा।



