जालौन
क्राइम ब्रांच टीम ने 2020 से फरार आरोपी को रेलवे स्टेशन से किया गिरफ्तार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। जनपद की क्राइम ब्रांच टीम ने वर्ष 2020 से धोखाधड़ी के एक चर्चित मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने उसे उरई रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया।
विवरण के अनुसार 16 अगस्त 2020 को कोतवाली कोंच में वादी शैलेन्द्र कुमार गौतम ने तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने का झांसा देकर उनसे कुल 39 लाख 68 हजार 685 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। इतना ही नहीं आरोपियों ने फर्जी पेट्रोल पंप लाइसेंस तैयार कर उसे वादी के व्हाट्सएप पर भेज दिया जिससे उन्हें काफी समय तक धोखे में रखा गया। शिकायत के आधार पर कोतवाली कोंच में मुकदमा संख्या 63/2020 के तहत भारतीय दंड संहिता की धाराओं 419, 420, 465, 467, 468, 471, 120-बी तथा आईटी एक्ट की धारा 66-सी और 66-डी में मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान इस संगठित धोखाधड़ी में कुल 12 अभियुक्तों के नाम सामने आए थे जिनमें से सात आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के पर्यवेक्षण में क्राइम ब्रांच टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हुई थी। इसी क्रम में मिली सटीक सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच टीम ने संजय रविदास पुत्र सीताराम रविदास निवासी ग्राम महमदपुर थाना औगारी जनपद नालंदा (बिहार) को उरई रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी गई कुल धनराशि में से 2 लाख 98 हजार 500 रुपए आरोपी संजय रविदास के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी से पूंछतांछ के आधार पर पुलिस मामले में फरार अन्य अभियुक्तों की तलाश भी तेज कर रही है। इस कार्रवाई को क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार पाण्डेय एवं उनकी टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि साइबर एवं आर्थिक अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और फरार सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।


