उत्तरकाशी

मानसून सीजन एवं कांवड यात्रा को लेकर उत्तरकाशी पुलिस सतर्क

एसपी उत्तरकाशी द्वारा पुलिस, फायर एवं एसडीआरएफ अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

उत्तरकाशी : मानसून सीजन तथा आगामी कांवड़ यात्रा-2026 के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय*द्वारा आज को पुलिस, फायर एवं एसडीआरएफ अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । मानसून सीजन के दौरान जनपद में आपदा न्यूनीकरण, त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों तथा कांवडियों, तीर्थयात्रियों एवं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये।

बैठक में पुलिस अधीक्षक द्वारा स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान जन सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संभावित जोखिम वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए आवश्यक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियां समय रहते पूर्ण करें। भारी वर्षा, भूस्खलन, लैंडस्लाइड, मार्ग अवरुद्ध होने तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए जन-धन की हानि को न्यूनतम करने के निर्देश दिए गए।

कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं व्यवस्थित संपन्न कराने के लिए यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, प्रभावी यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता तथा कांवडियों/श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आमजन एवं श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार रखते हुए सुरक्षा, सुगम यातायात एवं त्वरित पुलिस सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि मानसून अवधि एवं कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद में शांति, सुरक्षा एवं सुव्यवस्था बनी रहे। यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने, ओवरस्पीड, ड्रिंक एण्ड ड्राइव एवं अन्य यातायात उल्लंघनों पर प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान 02 जुलाई 2026 को आयोजित मॉक ड्रिल की समीक्षा भी की गई। अभ्यास के दौरान सामने आई कमियों पर गंभीरता से कार्य करते हुए आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में बाढ़, भूस्खलन एवं अन्य आपदा संभावित स्थलों को चिन्हित कर नियमित निगरानी रखने, संबंधित विभागों के साथ सतत् समन्वय स्थापित करने तथा आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों के स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों एवं आपदा स्वयंसेवकों के साथ उचित कोआर्डिनेशन रखने की हिदायत देते हुये बताया गया कि दैवीय आपदा के दौरान स्थानीय लोग फर्स्ट रिस्पॉडंर के रुप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा सूचना का प्रभावी माध्यम भी होते हैं।

इसके अतिरिक्त सभी थाना प्रभारियों, एसडीआरएफ एवं फायर स्टेशन प्रभारियों को उनके थाना, ईकाई व शाखाओं उपलब्ध राहत एवं बचाव उपकरणों की नियमित जांच कर उन्हें पूर्णतः क्रियाशील अवस्था में रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24×7 तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

पुलिस कंट्रोल रूम, डायल 112, हेल्पलाइन्स एवं समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि दैवीय आपदा, भूस्खलन, बाढ़, सड़क दुर्घटना अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में सक्रिय सूचनातंत्र एवं प्रभावी समन्वय के साथ तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करें, जिससे प्रत्येक जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुँचाई जा सके। शैडो एरिया में सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु वायरलेस एवं सेटेलाइट फोन से कनक्टिविटी के सम्बन्ध मे जरुरी निर्देश दिये गये।

एसपी उत्तरकाशी द्वारा बताया गया कि “मानसून के दौरान सतर्कता, समन्वय और त्वरित कार्रवाई ही जनसुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।”

*बैठक के में पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी, जनक सिंह पंवार, प्रतिसार निरीक्षक शिव कुमार, समस्त कोतवाली/थाना प्रभारी, निरीक्षक एलआईयू विकास नौटियाल, निरीक्षक अजय सिंह, टीकम चौहान, अशोक कश्यप, भारु सिंह चौहान, उपनिरीक्षक आशुतोष चौहान(एसडीआरएफ), प्रभारी अग्निशमन अधिकारी श्
खजान सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे। पुलिस उपाधीक्षक बडकोट चंचल शर्मा, यमुना वैली के पुलिस अधिकारियों एवं प्रभारी निरीक्षक हर्षिल द्वारा बैठक में वर्चुअल रुप से प्रतिभाग किया गया।

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