
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विजय ने करूर भगदड़ पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपनी भूमिका का बचाव किया और स्पष्ट किया कि उन्होंने भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस पर भरोसा किया था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें ही दोषी ठहराया गया, जबकि भीड़ प्रबंधन पुलिस की जिम्मेदारी थी। विजय ने पिछली ऊटङ सरकार पर तीखा हमला बोला और पुलिस पर दोष दूसरों पर मढ़ने का ‘नाटक’ करने का आरोप लगाया।
करूर में मची भगदड़, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी और जिसका असर राज्य विधानसभा चुनाव पर भी पड़ा था, उसके नौ महीने बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय शुक्रवार को शहर लौटे। उन्होंने इस त्रासदी में अपनी भूमिका का बचाव किया, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और पिछली सरकार पर तीखा हमला किया। मुख्यमंत्री के तौर पर करूर के अपने पहले दौरे पर पीड़ितों के परिवारों के सदस्यों को नियुक्ति पत्र सौंपने के लिए आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए, विजय ने भावुक होकर उस त्रासदी को याद किया और कहा कि उस नुकसान का बोझ आज भी उनके मन पर भारी है। प्रचारअभियान और चुनाव
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार करूर के दौरे पर आए उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति चाहे कितनी भी ऊंचाइयों पर क्यों न पहुंच जाए, मानसिक रूप से कुछ ऐसे घाव और चोटें होती हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। हम कई तरह की चोटों और घावों से उबरकर ही यहां तक ??पहुंचे हैं। लेकिन इन सबसे बुरा, वह घाव और दर्द जिसने मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ दी, वह करूर की घटना थी। विजय ने कहा कि पिछले साल करूर का उनका दौरा ळश्ङ के लोगों तक पहुँचने और उनकी समस्याओं के बारे में आवाज उठाने का हिस्सा था।
उन्होंने बताया कि अरियालुर में एक मीटिंग खत्म करने के बाद पेरम्बलुर पुलिस ने उन्हें वहाँ जमा भारी भीड़ के बारे में आगाह किया था। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें बताया गया था कि देर हो रही है और उन्हें वहाँ नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसलिए हमारे पास कोई चारा नहीं था। जब पुलिस हमें कुछ कहती है, तो हमें उनकी बात माननी ही पड़ती है, है ना? साथ ही, पेरम्बलुर के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, हम भारी मन से वापस लौट आए।
विजय ने अपनी पार्टी पर मौतों का आरोप लगाते हुए इसे खारिज कर दिया और तर्क दिया कि भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी पुलिस की थी। अभिनेता से नेता बने विजय ने कहा कि मैंने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पर भरोसा किया था, फिर भी मुझे मौतों के लिए दोषी ठहराया गया। रैली में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए टीवीके प्रमुख ने कहा कि अधिकारी बिगड़ती स्थिति के बारे में उनकी टीम को सूचित करके इस त्रासदी को रोक सकते थे। इसके बजाय, उन्होंने नाटक किया और दोष दूसरों पर मढ़ने की कोशिश की।



