संभल

वर्षो पुराने सादातवाड़ी पातालेश्वर शिव मंदिर में सावन की भव्य तैयारी

सावन भर 50 हजार से 1 लाख श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

संभल। जमींदार साहू भिखारी दास के स्वप्न में शिवलिंग प्राकट्य से जुड़ा है सिद्धपीठ का इतिहास, दूध के साथ झाड़ू चढ़ाने की अनोखी परंपरा,श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बहजोई कोतवाली समेत आसपास के थानों की कुल 6 पुलिस चौकियां मुस्तैद, सुगम दर्शन और सुरक्षा का बना अचूक खाका,पवित्र श्रावण मास के पावन अवसर पर जनपद संभल की तहसील चन्दौसी के ग्राम सादातवाड़ी स्थित लगभग 118 वर्ष पुराने प्राचीन पातालेश्वर शिव मंदिर में भोलेनाथ के जलाभिषेक की अभूतपूर्व तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासनिक आकलन के अनुसार, इस प्रसिद्ध सिद्धपीठ में सावन के दौरान 50 हजार से लेकर 1 लाख तक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना है। आस्था के इस विशाल समागम को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा श्रावण मास कांवड़ यात्रा सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन कार्ययोजना’ के तहत बहजोई क्षेत्र में चार प्रमुख स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है। इसके साथ ही मंदिर पर शिफ्टवार दो मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, एक डिप्टी कलेक्टर को जोनल प्रभारी बनाया गया है, थाना कोतवाली बहजोई क्षेत्रान्तर्गत भी शिफ्टवार दो मजिस्ट्रेटों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, चन्दौसी से मंदिर की और आने जाने वाले श्रद्धालुओं एवं बबराला की ओर से आने जाने वाले श्रद्धालुओं सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु दोनों प्रमुख मार्गों पर एक एक मजिस्ट्रेट को भी लगाया गया है। थाना कोतवाली बहजोई, थाना बनियाठेर और थाना कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र की कुल छह प्रमुख पुलिस चौकियों व सुरक्षा केंद्रों को 24 घंटे के लिए मुस्तैद किया गया है।

118 वर्ष पुराना इतिहास और जमींदार के स्वप्न से प्राकट्य की पावन कथा
सादातवाड़ी स्थित प्राचीन पातालेश्वर शिव मंदिर का इतिहास जन-आस्था और अलौकिक मान्यताओं से ओत-प्रोत है। स्थानीय लोक परंपराओं के अनुसार, इस शिवधाम का इतिहास लगभग 118 वर्ष पुराना माना जाता है। बताया जाता है कि तत्कालीन स्थानीय जमींदार साहू भिखारी दास को स्वप्न में भगवान शिव के दिव्य दर्शन हुए थे। इसके उपरांत स्थल पर पावन शिवलिंग प्रकट हुआ और जमींदार द्वारा पूर्ण श्रद्धाभाव से मंदिर की स्थापना कराई गई। यद्यपि इसका कोई प्राचीन पुरातात्विक शिलालेख उपलब्ध नहीं है, परंतु समय-समय पर स्थानीय मंदिर समिति और जिला प्रशासन द्वारा परिसर का मरम्मत व सौंदर्यीकरण कराया जाता रहा है। यह स्थल आज पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए अगाध श्रद्धा और मनोकामना पूर्ति का सिद्ध केंद्र बना हुआ है।
झाड़ू चढ़ाने की अनूठी परंपरा, कष्टों से मिलती है मुक्ति पातालेश्वर शिव मंदिर की सबसे अनूठी और प्रसिद्ध विशेषता यहां निभाई जाने वाली सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा है। मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान शिव को दूध अर्पित करने के साथ-साथ झाड़ू चढ़ाने की अद्भुत प्रथा है। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि भगवान भोलेनाथ को झाड़ू अर्पित करने से कायिक व मानसिक कष्ट दूर होते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। सावन मास में यहां प्रतिदिन दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक, शिव आरती और विशेष पूजन का आयोजन होता है। यूं तो पूरे सावन मास में कांवड़ियों और दूर-दराज से आने वाले शिवभक्तों की कतारें लगी रहती हैं, परंतु सावन के अंतिम सोमवार और महाशिवरात्रि के दिन यहां आस्था का सबसे विशाल जनसैलाब उमड़ता है। 50 हजार से 1 लाख श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान, चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, सावन मास में सादातवाड़ी मंदिर में जलाभिषेक के लिए 50,000 से 1,00,000 श्रद्धालुओं का आगमन संभावित है। इतनी बड़ी संख्या में पहुंचने वाले भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन व पुलिस की संयुक्त कार्ययोजना के अंतर्गत कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए मंदिर परिसर और पहुंच मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। इसके अतिरिक्त शुद्ध पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा सेवा,साफ सफाई, उचित प्रकाश व्यवस्था और वाहनों के लिए अस्थाई पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं। मंदिर परिसर व कांवड़ मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहकर हर स्थिति पर नजर बनाए रखेगा।बहजोई क्षेत्र में यातायात व्यवस्था दुरुस्त,चार प्रमुख स्थानों पर रहेगा रूट डायवर्जन कांवड़ यात्रियों के सुरक्षित आवागमन और आम जनता को यातायात जाम से बचाने के लिए जिला पुलिस द्वारा बहजोई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत चार प्रमुख स्थानों पर रूट डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं। इसके तहत भारी एवं अनावश्यक वाहनों के मार्ग बदलते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस यातायात प्रबंधन योजना के तहत कोतवाली बहजोई क्षेत्र में इस्लामनगर चौराहा बहजोई, संभल तिराहा बहजोई तथा बेहटा जयसिंह चौराहा को प्रमुख डायवर्जन बिंदु बनाया गया है। इसके अतिरिक्त बहजोई थाना क्षेत्र के अंतर्गत लहरावन कट गंगा एक्सप्रेसवे पर भी विशेष डायवर्जन पॉइंट स्थापित किया गया है। इन सभी चारों डायवर्जन स्थलों पर पुलिस पिकेट और बैरियर लगाकर चौबीसों घंटे सुगम व सुरक्षित यातायात संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। छह पुलिस चौकियां अलर्ट, सहायता केंद्रों पर 24 घंटे पहरा सादातवाड़ी मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ और कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक सुदृढ़ किया गया है। मुख्य रूप से थाना कोतवाली बहजोई के साथ-साथ सीमावर्ती थाना बनियाठेर और थाना कुढ़फतेहगढ़ की पुलिस टीमों को अलर्ट रखा गया है। कांवड़ मार्गों और बहजोई से जुड़ने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों पर स्थित कुल 6 पुलिस चौकियों व अस्थाई सहायता केंद्रों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसमें थाना बहजोई के अंतर्गत सम्भल-बहजोई मार्ग स्थित पुलिस चौकी पवांसा तथा बहजोई बबराला मार्ग स्थित पुलिस चौकी पाठकपुर शामिल हैं।
वहीं थाना बनियाठेर क्षेत्र के अंतर्गत बहजोई मुरादाबाद मार्ग पर स्थित पुलिस चौकी आटा व पुलिस चौकी अकरोली तथा सम्भल चन्दौसी मार्ग पर पुलिस चौकी नरौली को मुस्तैद किया गया है। इसके अलावा थाना कुढ़फतेहगढ़ के चन्दौसी-कुढ़ मार्ग स्थित पुलिस चौकी रतनपुर की टीम को भी तैनात किया गया है। ये सभी 6 पुलिस चौकियां श्रद्धालुओं को तत्काल सुरक्षा व सहायता प्रदान करने में निरंतर तत्पर रहेंगी। वर्जन सादातवाड़ी स्थित प्राचीन पातालेश्वर शिव मंदिर में सावन मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संभावित 50 हजार से 1 लाख शिवभक्तों के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए बहजोई क्षेत्र में 4 स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू कर पुलिस बल तैनात किया गया है। सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।अंकित खंडेलवाल जिलाधिकारी, संभल।

 

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