सीएचसी में ‘कुत्तों का राज’, डिलीवरी रूम के बाहर बुजुर्ग पर हमला
पुत्रवधू की डिलीवरी के बाद मिलने पहुंचे ससुर को आवारा कुत्ते ने काटा, अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
जच्चा-बच्चा और तीमारदारों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा, शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही प्रभावी कार्रवाई
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को डिलीवरी वार्ड के बाहर एक बुजुर्ग पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग घायल हो गए। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों के परिजनों में दहशत फैल गई। सबसे गंभीर बात यह है कि यह हमला उस स्थान पर हुआ, जहां हर समय गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु और उनके परिजन मौजूद रहते हैं।
जानकारी के अनुसार हरियाणा के गांव गढ़ी बेसक निवासी राशिद अपनी पुत्रवधू की डिलीवरी होने के बाद उससे मिलने के लिए सीएचसी पहुंचे थे। वह डिलीवरी रूम के बाहर खड़े थे, तभी अस्पताल परिसर में घूम रहे एक आवारा कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। कुत्ते के हमले से वह घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह कुत्ते को भगाया और बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि सीएचसी परिसर में लंबे समय से आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। डिलीवरी रूम, जनरल वार्ड के आसपास भी कुत्ते बेखौफ घूमते रहते हैं। कई बार ये मरीजों और तीमारदारों पर झपट्टा मारने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि डिलीवरी वार्ड के बाहर आवारा कुत्तों की मौजूदगी जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज और उनके परिजन भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों और तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि सीएचसी परिसर को तत्काल आवारा कुत्तों से मुक्त कराया जाए,नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। घटना ने एक बार फिर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
