बायो-एआई से बदलेगा भविष्य, सस्टेनेबल बायोटेक्नोलॉजी और पर्यावरण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मंथन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘बायो-एआई इनोवेशंस फॉर सस्टेनेबल बायोटेक्नोलॉजी एंड एनवायरनमेंट का रविवार को समापन हो गया। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने जैव प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हो रहे शोध को समाज और पर्यावरण की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने तथा शोध के परिणामों को व्यावहारिक समाधान में बदलने पर जोर दिया।
सम्मेलन का आयोजन एमआईईटी के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से किया गया, जबकि ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट, मेरठ अकादमिक पार्टनर रहा। तीन दिनों तक चले सम्मेलन में देश-विदेश के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान बायो-एआई, जैव प्रौद्योगिकी, सतत विकास, पर्यावरण और उभरती तकनीकों से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
सम्मेलन के दूसरे दिन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न विशेषज्ञों और वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान आईएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद की डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव ने भी विशेष व्याख्यान दिया।
प्रो. (डॉ.) प्रियंका श्रीवास्तव ने ‘फ्रॉम बेंच टू ब्रेन: ट्रांसलेशनल नैनोकैरियर एंड एआई इनोवेशन फॉर अल्जाइमर्स डिजीज थेराप्यूटिक्स’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने अल्जाइमर रोग के उपचार में नैनोकैरियर आधारित दवा वितरण प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सम्मेलन में प्रस्तुत 160 पोस्टरों में से चयनित 30 पोस्टरों का मूल्यांकन ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट के निदेशक (ट्रेनिंग एंड इनोवेशन) एसपी वर्मा, डॉ. वार्तिका ध्यानी और डॉ. दीपक श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष, जेके पुट्टी ने किया।
मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिता में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, सोनभद्र के मोहित कुमार उपाध्याय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एमआईईटी की बीटेक बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा आशी गौतम दूसरे स्थान पर रहीं। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, रेवाड़ी, हरियाणा की रीतू खोस्या और आईआईएलएम, नोएडा की देवयांशी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया।
पोस्टर प्रस्तुति में एमआईईटी की बीएससी माइक्रोबायोलॉजी की छात्रा सिदरा आलम ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। एमआईईटी के बीटेक बायोटेक्नोलॉजी छात्र शौर्य त्यागी दूसरे स्थान पर रहे। एमआईईटी की बीटेक बायोटेक्नोलॉजी छात्रा अर्शिता त्यागी और आईएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद के बीएससी बायोटेक्नोलॉजी छात्र उज्ज्वल आनंद ने संयुक्त रूप से तीसरा पुरस्कार प्राप्त किया।
विजेताओं को एसपी वर्मा, डॉ. अविनाश सिंह, डॉ. आशिमा कथूरिया और डॉ. गौरव मिश्रा ने पुरस्कार प्रदान किए।
तीसरे दिन सम्मेलन का वैलेडिक्टरी सत्र और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। आयोजन सचिव डॉ. गौरव मिश्रा ने तीन दिवसीय सम्मेलन की सफलता और प्रमुख उपलब्धियों का सार प्रस्तुत किया।
सम्मेलन के दौरान कम्प्यूटेशनल बायोटेक्नोलॉजी, सतत पर्यावरण, एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाएं, नैनोबायोटेक्नोलॉजी, प्लांट एवं एनिमल बायोटेक्नोलॉजी, ट्रांसलेशनल रिसर्च, बायोइकोनॉमी और बायोफार्मा इनोवेशन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।



