जामताड़ाधर्म

आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुई खरबनी गांव की मनसा पूजा

तीन दिवसीय अनुष्ठान में उमड़े श्रद्धालु

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
 जामताड़ा जिले के खरबनी गांव में इस वर्ष मां मनसा की पूजा अत्यंत ही धूमधाम, हर्षोल्लास और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस तीन दिवसीय पारंपरिक अनुष्ठान में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
​तीन दिनों तक चला धार्मिक अनुष्ठान
​गांव के गणमान्य व्यक्ति राजेंद्र मंडल ने इस महापर्व की पूरी रूपरेखा और परंपरा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मां मनसा की यह पूजा पूरे तीन दिनों तक पूरी निष्ठा के साथ चलती है, जिसमें ग्रामीण बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
​पहला दिन (नाहन खान): इस तीन दिवसीय महापर्व की शुरुआत पहले दिन ‘नाहन खान’ (पवित्र स्नान और शुद्धि अनुष्ठान) के साथ होती है। इस दिन से ही गांव में मां मनसा की आराधना का माहौल बन जाता है।
​दूसरा दिन (उपवास और कलश यात्रा): पूजा के दूसरे दिन श्रद्धालु पूरे दिन का उपवास (व्रत) रखते हैं। इस दिन का मुख्य आकर्षण मध्य रात्रि का अनुष्ठान होता है। रात के ठीक 12:00 बजे भक्त और पंडित माथे पर पानी का कलश रखने के लिए पारंपरिक तरीके से तालाब की ओर प्रस्थान करते हैं। वहां से विधि-विधान के साथ कलश में जल भरकर वापस घर लाया जाता है।
​रात्रि जागरण और पूजा: तालाब से जल लाने के बाद, पूरी रात मां मनसा की विशेष पूजा-अर्चना और विधि-विधान का दौर चलता है, जिसमें ग्रामीण भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार के साथ जागरण करते हैं।
​बलि प्रथा और माता का विसर्जन
​राजेंद्र मंडल ने आगे बताया कि रात्रि की पूजा के अगले दिन सुबह माता रानी को प्रसन्न करने के लिए पारंपरिक रूप से बलि (बकरी की बलि) दी जाती है। इस अनुष्ठान के पूरा होने के बाद मां मनसा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाती है।
​इसके पश्चात, अंतिम दिन रात्रि के समय माता रानी के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए मां की प्रतिमा या प्रतीक का विसर्जन किया जाता है। इस प्रकार, तीन दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का समापन होता है।
​विशेष आकर्षण: इस आयोजन से खरबनी गांव का पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मेले जैसा दृश्य देखने को मिला, जहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आपसी सौहार्द का परिचय दिया।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button