गाजियाबाद

जेल की सलाखों के बीच छलका भाई-बहन का प्यार

1500 से अधिक बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी

रक्षाबंधन पर डासना जेल में भावुक हुआ माहौल, बहनों ने भाइयों को सही राह पर चलने का दिया संकल्प

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

गाजियाबाद। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला कारागार गाजियाबाद (डासना जेल) में भाई-बहन के अटूट प्रेम की भावुक तस्वीर देखने को मिली। त्योहार के अवसर पर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं। किसी के हाथ में राखी थी तो कोई अपने भाई के लिए दुआएं लेकर पहुंची। जेल की ऊंची दीवारों और कड़ी सुरक्षा के बीच जब बहनों को अपने भाइयों से मिलने का अवसर मिला तो कई आंखें खुशी से चमक उठीं, जबकि कुछ बहनें भावुक होकर अपने आंसू नहीं रोक सकीं।

भाइयों की कलाई पर सजी राखियां, बहनों ने दी सही राह पर चलने की सीख

मुलाकात के दौरान बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखद और सम्मानजनक भविष्य की कामना की। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ देने का वचन दोहराया। लंबे समय बाद सामने आए भाई-बहन के इस मिलन ने माहौल को भावुक कर दिया। कई बहनें भाइयों को देखकर मुस्कुराती नजर आईं तो कुछ की आंखों से खुशी और भावनाओं के आंसू छलक पड़े।

वहीं, जेल में निरुद्ध महिला बंदियों से राखी बंधवाने के लिए उनके भाई भी जेल पहुंचे। इस दौरान भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता और भावनाओं से माहौल सराबोर नजर आया।

जेल प्रशासन ने परिसर में ही की मिठाई और जलपान की व्यवस्था

सुरक्षा कारणों के चलते जेल परिसर में बाहर से खाद्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से परिसर में ही मिठाई आदि की व्यवस्था की गई थी। बहनों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था की गई, ताकि उन्हें त्योहार के दिन किसी तरह की असुविधा न हो।

दोपहर तक 1500 से ज्यादा बहनें पहुंचीं

जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने बताया कि जेल प्रशासन का प्रयास रहता है कि रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक त्योहार पर बंदियों को जेल में होने का एहसास कम से कम हो और वे अपने परिजनों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ सकें। इसी उद्देश्य से जेल में विशेष व्यवस्थाएं की गईं और बहनों को राखियां भी उपलब्ध कराई गईं।

उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे तक 1500 से अधिक बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जिला कारागार पहुंच चुकी थीं। बड़ी संख्या में बहनों के पहुंचने को देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए।

रक्षाबंधन के मौके पर डासना जेल में भाई-बहन के मिलन की इन भावुक तस्वीरों ने यह संदेश दिया कि जेल की दीवारें और सलाखें भी रिश्तों की गर्माहट और अपनों के प्रति प्रेम को कम नहीं कर सकतीं। बहनों ने जहां भाइयों को हिम्मत रखने और भविष्य में सही रास्ते पर चलने की सीख दी, वहीं भाइयों ने भी उनकी बातों को आत्मीयता से स्वीकार करते हुए बेहतर जीवन जीने का संकल्प लिया।

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