
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
साहिबगंज जिला के राजमहल प्रखंड अंतर्गत नशामुक्ति अभियान के बीच राजमहल अनुमंडल में अवैध लॉटरी का कारोबार नई चुनौती बन गया है।अनुमंडल के चार थाना क्षेत्रों राजमहल,उधवा, तालझारी और तीनपहाड़ में रोजाना लाखों रुपये की अवैध लॉटरी खुलेआम बेची जा रही है।सूत्रों के अनुसार चारों थाना क्षेत्रों में मिलाकर रोजाना 25 लाख रुपये से अधिक का कारोबार हो रहा है।वही राजमहल से लगभग 5 लाख,उधवा 4 से 5 लाख, तालझारी 1.5 से 2 लाख,तीनपहाड़ करीब 15 लाख रुपये प्रतिदिन इस धंधे का प्रिंटिंग हब तीनपहाड़ बताया जा रहा है।बड़ी मात्रा में टिकट यहीं छापे जाते हैं। इसके बाद राजमहल-तीनपहाड़ पैसेंजर ट्रेन से लाकर राजमहल के बालू प्लॉट के समीप स्टॉक किया जाता है।गंगा का जलस्तर बढ़ने पर ऑटो-टोटो से माल लाया जा रहा है।एक थोक कारोबारी तो मालदा और कालियाचक पश्चिम बंगाल से भी टिकट प्रिंट करवा रहा है। वितरण के लिए स्कूटी और मंडई क्षेत्र को ट्रांजिट प्वाइंट बनाया गया है।कारोबार का अर्थशास्त्र चौंकाने वाला है,एक टिकट की छपाई पर लागत मात्र 5 रुपए,एजेंट को 8 रुपये कमीशन देकर 150 रुपये में बिक्री। लुभाने के लिए कभी 1350 रुपये तो कभी 80 हजार का सांत्वना पुरस्कार,रोज छपाई और इनाम में 15-20 हजार खर्च कर लाखों कमाए जा रहे हैं।सबसे गंभीर आरोप है कि राजमहल थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर अवैध लॉटरी की छपाई हो रही है, कारोबारी खुलेआम कहते हैं कि महीने की शुरुआत में ही सबका मुंह बंद कर देते हैं।राजमहल, उधवा,जामनगर,लालमाटी, मंगलहाट, कशवा, तीनपहाड़, बाबूपुर,प्राणपुर,पाकीजा मोड़, बैरबनना समेत दर्जनों बाजारों में पान-गुमटी और चाय दुकान की आड़ में धंधा फल-फूल रहा है।वही 400-500 रुपये दिहाड़ी कमाने वाला मजदूर करोड़पति बनने के लालच में 100-200 रुपये की लॉटरी खरीद रहा है,क्षेत्र के लोगों ने पुलिस अधीक्षक से नेटवर्क ध्वस्त करने की मांग की है।



