अंतरराष्ट्रीय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सबसे बड़ा सम्मान

राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने गले लगाकर दी बधाई

ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ओलिय दराजाली दोस्तलिक से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव द्वारा दिए गए इस सम्मान को पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों और दोनों देशों की पुरानी दोस्ती को समर्पित किया। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा ग्लोबल साउथ की आवाज बुलंद करने की प्रतिबद्धता जताई।
उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ओलिय दराजाली दोस्तलिक से सम्मानित किया गया। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी को यह सम्मान दिया। सम्मान मिलने के बाद राष्ट्रपति मिर्जियोयेव और पीएम मोदी ने एक-दूसरे को गले लगाया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी साफ नजर आई।
पीएम मोदी ने सम्मान को बताया गर्व का पल-सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने दोस्तलिक शब्द का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के लोग भी इस शब्द से अच्छी तरह परिचित हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जहां दिन में कई बार ह्यदोस्तह्ण शब्द का इस्तेमाल न होता हो। उन्होंने कहा कि आज उज्बेकिस्तान ने दोस्तलिक यानी दोस्ती की भावना को सही मायने में सामने रखा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने भारत के लोगों की ओर से उज्बेकिस्तान की जनता, सरकार और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का दिल से आभार जताया।
यह सम्मान दोनों देशों की सदियों पुरानी दोस्ती को समर्पित-पीएम मोदी ने कहा कि वह इस बड़े सम्मान को पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने इसे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सदियों पुरानी दोस्ती और साझा विरासत को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के दूरदर्शी नेतृत्व और भारत के प्रति उनकी दोस्ती की वजह से दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध अब व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंच गए हैं और दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं।
सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है-पीएम मोदी ने कहा कि पुरस्कार मिलने से गर्व और सम्मान का एहसास होता है, लेकिन इसके साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को गहराई से महसूस करते हैं।
ताशकंद की ऐतिहासिक धरती से उज्बेकिस्तान की जनता को भरोसा देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटेगा और दोनों देशों की दोस्ती को मजबूत बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।
ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने का संकल्प-पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान मिलकर ग्लोबल साउथ की एकजुट आवाज के रूप में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश ग्लोबल साउथ के लोगों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश पूरी लगन के साथ पूरी मानवता के कल्याण को आगे बढ़ाने के मिशन में योगदान देने की कोशिश करेंगे।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव और पीएम मोदी की गर्मजोशी-सम्मान समारोह के बाद राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक-दूसरे को गले लगाया। दोनों नेताओं के बीच यह गर्मजोशी भारत और उज्बेकिस्तान के मजबूत होते रिश्तों को दशार्ती नजर आई।

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