रांचीराष्ट्रीय

26 गिरफ्तार, 200 से पूछताछ… 

जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक का पूरा सिंडिकेट खंगाल रही सीआईडी, फरार मिथिलेश सिंह की तलाश तेज

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अधीन संचालित सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी ने अब तक 26 आरोपितों को सलाखों तक पहुंचा दिया है। सीआईडी के अधीन गठित 17 सदस्यीय एसआईटी ने इस परीक्षा में अनियमितता से जुड़े 200 संदिग्धों, अभ्यर्थियों का बयान भी ले लिया है। लगातार छानबीन चल रही है।
सीआईडी कथित पेपर लीक से जुड़े सिंडिकेट के सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। जिन 200 संदिग्धों का एसआईटी ने बयान लिया है, उनमें 90 प्रतिशत जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के सफल अभ्यर्थी हैं, शेष संदिग्ध हैं और परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े, एजेंट्स आदि हैं।
इधर, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आईसीएन के दिल्ली से गिरफ्तार दो कर्मी सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार की रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ा दी गई है। दोनों कर्मी पहले पांच दिनों की रिमांड पर थे। अब तीन दिनों की रिमांड बुधवार से शुरू हो गई है।
रिमांड पर सीआईडी उनसे जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक के बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। जैसे पेपर लीक के सिंडिकेट में कौन-कौन शामिल थे। किसकी क्या भूमिका थी। अभ्यर्थियों से संपर्क किसने किया था, कितने की वसूली हुई थी, वसूली की राशि कहां-कहां पहुंची।
वेबेल ने आईसीएन से काम लिया, मिथिलेश सिंह ने वसूले रुपये-अब तक की छानबीन में यह भी स्पष्ट हो चुका है कि जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा संचालन का कार्य वेबेल एजेंसी को मिला था। वेबेल एजेंसी ने पेटी कांट्रैक्टर जैसा काम अपनी सहयोगी एजेंसी आईसीएन को दिया था। आईसीएन का निदेशक मिथिलेश सिंह वसूली एजेंट की भूमिका में था। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि अभ्यर्थियों से मिथिलेश सिंह ही रुपये वसूलता था।
अब मिथिलेश सिंह के सामने आने के बाद सिंडिकेट के अन्य प्रमुख लोगों के नाम सामने आएंगे। मिथिलेश सिंह की तलाश चल रही है और वह फरार है। बताया जा रहा है कि मिथिलेश सिंह ही बताएगा कि उसने रिश्वत की राशि कहां-कहां पहुंचाई।
16 पहले हुए थे गिरफ्तार, अब हुई है 10 की गिरफ्तारी-जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में कथित अनियमितता, गड़बड़ी, पेपर लीक आदि के मामले में पूर्व में सीआईडी ने 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पूर्व में गिरफ्तार 16 आरोपितों में अधिकतर झारखंड पुलिस के जवान थे। उनपर परीक्षा पास कराने के एवज में वसूली करने तथा अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाने के आरोप हैं।
अब जो दस गिरफ्तारियां हुईं हैं, उनमें पूर्व में गिरफ्तार मास्टरमाइंड रहे अभय कुमार तिवारी के अलावा 18 अगस्त को सफल अभ्यर्थी अभय कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी व भाई अक्षय तिवारी की गिरफ्तारी शामिल है।
इनके अलावा 27 अगस्त को आइसीएन के दो कर्मी सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार, 28 अगस्त को चार सफल अभ्यर्थी दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी व आनंद कुमार सिंह तथा 30 अगस्त को अभ्यर्थी समीर कुमार की गिरफ्तारी भी हुई थी। नए सिरे से जांच के क्रम में गिरफ्तार सभी दस आरोपितों में आठ परीक्षा के सफल अभ्यर्थी हैं, जबकि दो परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी आईसीएन के कर्मी हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button