
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। स्मार्ट सिटी पर करोड़ों खर्च के बावजूद एक दिन की बारिश में शहर में हुए जलभराव ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा कर दिया। बेसमेंट के गोदामों-दुकानों में पानी घुसने से लाखों के नुकसान की आशंका है, कई वाहन खराब हुए और गिरने-चोट की घटनाएं भी हुईं।
सपा के पूर्व प्रवक्ता मयंक शुक्ला ने जलभराव वाले स्थान पर कागज की नाव पर ‘स्मार्ट सिटी बरेली’ का झंडा लगाकर विरोध जताया। उन्होंने कहा नालों की सफाई पर करोड़ों खर्च के बाद भी शहर डूब रहा है तो समीक्षा जरूरी है। अस्थायी सफाई के बजाय वैज्ञानिक ड्रेनेज मास्टर प्लान बनना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि ड्रोन से शहर की मैपिंग, हर वार्ड का वाटर-फ्लो मैप और हर पार्क-सार्वजनिक स्थल पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग व वाटर रिचार्ज सिस्टम बने, ताकि बारिश का पानी भूजल पुनर्भरण में उपयोग हो। हर जलभराव वाले स्थान की स्थायी कार्ययोजना बने।
इस मौके पर मयंक शुक्ला, राहुल यादव, हरजीत सिंह, इस्राफील राशमी मौजूद रहे।



