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आप दफ्तर के पते पर 58 कंपनियां रजिस्टर्ड

पार्टी ने कहा- चुनाव से पहले भाजपा ने रची बदनाम करने की साजिश

नई दिल्ली। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की जानकारी सामने लाकर यह प्रचार किया जा सकता है कि आप कई शेल कंपनियां चला रही है और उनके जरिये चंदा हासिल करती है।
आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने राष्ट्रीय कार्यालय के पते पर 58 अज्ञात कंपनियों के पंजीकरण का दावा करते हुए दिल्ली पुलिस और जीएसटी विभाग से शिकायत की है। पार्टी का आरोप है कि नई दिल्ली स्थित उसके राष्ट्रीय कार्यालय के पते का इस्तेमाल कर इन कंपनियों का पंजीकरण कराया गया है। आप ने इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को बदनाम करने की कथित साजिश बताया है।
सौरव भारद्वाज ने दी जानकारी-आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय 1, कैनिंग लेन, नई दिल्ली के पते पर जुलाई से सितंबर के बीच 58 कारोबारों का जीएसटी पंजीकरण कराया गया। उनका दावा है कि इन पंजीकरणों के लिए आधार सत्यापन भी किया गया है।
पार्टी ने की शिकायत-भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने मामले की शिकायत प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर, जीएसटी, दिल्ली के कमिश्नर, डिपार्टमेंट आॅफ ट्रेड एंड टैक्सेस और नई दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से की है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले की जांच कराने की मांग की।
‘2027 चुनाव से पहले खबर चलाने की साजिश’-सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की जानकारी सामने लाकर यह प्रचार किया जा सकता है कि आप कई शेल कंपनियां चला रही है और उनके जरिये चंदा हासिल करती है।
आप ने पूछे ये सवाल-उन्होंने सवाल उठाया कि आप के राष्ट्रीय कार्यालय के पते पर 58 कंपनियों का पंजीकरण आखिर कैसे हुआ। भारद्वाज ने केंद्र सरकार से पूछा कि इन कंपनियों के जीएसटी पंजीकरण और आधार सत्यापन की प्रक्रिया में किन लोगों और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
पार्टी ने जांच की मांग की-आप नेता ने कहा कि पार्टी इस मामले में संबंधित विभागों को औपचारिक शिकायत दे चुकी है। उन्होंने मांग की कि यह पता लगाया जाए कि इन कंपनियों को किसने पंजीकृत कराया, पंजीकरण के लिए कार्यालय के पते का इस्तेमाल कैसे हुआ और सत्यापन की प्रक्रिया में क्या-क्या दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
हालांकि, इन कंपनियों के वास्तव में ‘शेल कंपनियां’ होने और इनके पंजीकरण के पीछे किसका हाथ है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। आप के आरोपों पर संबंधित सरकारी विभागों या भाजपा की प्रतिक्रिया भी फिलहाल सामने नहीं आई है।

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