परमात्मा की रचना अद्भुत, मनुष्य को आत्मज्योति प्रज्ज्वलित रखनी चाहिए: सच्चिदानंद महाराज

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। जयपुर से आए अंतरराष्ट्रीय वैदिक विद्वान सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि परमात्मा ने संपूर्ण संसार की रचना की है और मनुष्य उसकी अद्भुत कृति है। उन्होंने कहा कि विश्व में करीब आठ अरब लोग हैं, लेकिन किसी भी दो व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट एक समान नहीं होते।
सच्चिदानंद महाराज शनिवार को आर्य समाज मंदिर में श्रावणी पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित वेद प्रचार सप्ताह के छठे दिन वैदिक सत्संग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अर्थ सदैव नूतन रहने से है। परमात्मा को शब्दों की सीमा में नहीं बांधा जा सकता, क्योंकि वह अनंत है।
उन्होंने निर्गुण और सगुण भक्ति का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि परमात्मा ही मनुष्य का सच्चा मित्र है। बुरे समय अथवा गंभीर बीमारी में कई बार सगे-संबंधी भी साथ छोड़ देते हैं, लेकिन परमात्मा जीवात्मा का सच्चा मित्र बना रहता है।
इससे पूर्व वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में नरेंद्र अग्रवाल, दिनेश आर्य, विनीत त्यागी, दिव्य आर्य और उज्ज्वल आर्य सपत्नीक यजमान रहे। यज्ञ के ब्रह्मा आर्य समाज के पुरोहित ओम सुमिरन रहे। इसके बाद वैदिक सत्संग में आर्य भजन उपदेशिका श्वेता आर्या ने भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर राजपाल आर्य, दिनेश आर्य, गिरधारी लाल आर्य, सुंदरलाल आर्य, सुभाष धीमान, राजीव आर्य, देवेंद्र आर्य, पूनम आर्या, संतोष आर्या, मिथलेश आर्या, वर्षा आर्या, कौशल्या आर्या, नीलम आर्या आदि मौजूद रहे।



