पेंशनरों ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मंगलवार को शामली कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा। पेंशनरों ने आठवें वेतन आयोग की सीमा में एक जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों को शामिल करने समेत 12 सूत्रीय मांगों के निस्तारण की मांग की।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आठवें वेतन आयोग की घोषणा के बाद एक जनवरी 2026 से पूर्व और बाद में सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों के बीच पेंशन पुनरीक्षण को लेकर अंतर किए जाने से असंतोष है। उनका कहना था कि पूर्व के वेतन आयोगों में कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ इस प्रकार का भेद नहीं किया गया था। संगठन की ओर से पूर्व में भी कई बार मांगों को लेकर आंदोलन और हस्ताक्षर याचिकाएं भेजी जा चुकी हैं।
ज्ञापन में वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर किए गए विभेद को समाप्त कर पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग की सीमा में लाने की मांग की गई। इसके साथ ही कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को अंतरिम राहत देने, अलग सीपीआई निर्धारित करने और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई गई।
पेंशनरों ने राशिकरण की कटौती 10 वर्ष में बंद करने, 65 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पेंशन में पांच प्रतिशत वृद्धि करने, पेंशन को आयकर से मुक्त करने तथा कोरोना काल के 18 माह के डीए-डीआर एरियर का भुगतान करने की मांग की। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट, आयुष्मान भारत के तहत कैशलेस उपचार की सीमा 10 लाख रुपये करने, महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने तथा वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग की गई। इस अवसर पर चंद्रपाल सिंह, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।



