
भुगतान में देरी से कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी बढ़ी, मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस ने दी मुख्य वन संरक्षक कार्यालय के घेराव की चेतावनी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट। वन विभाग में कार्यरत वन सुरक्षा श्रमिकों को पांच माह से वेतन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। जिले की विभिन्न वन परिक्षेत्रों में बीट स्तर पर सेवाएं दे रहे श्रमिकों का भुगतान लंबित होने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इस मामले में मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस ने नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों से शीघ्र भुगतान की मांग की है।
मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सजल मस्की ने बताया कि किरनापुर, बैहर, सोनेवानी और लालबर्रा सहित विभिन्न रेंजों में कार्यरत वन सुरक्षा श्रमिकों को वेतन नहीं मिलने की जानकारी मिलने पर संगठन ने किरनापुर रेंज कार्यालय पहुंचकर श्रमिकों के साथ रेंजर प्रदीप वाडिवा से चर्चा की। रेंजर ने बताया कि वेतन भुगतान से संबंधित कार्रवाई पूरी कर प्रकरण वनमंडलाधिकारी, दक्षिण सामान्य वनमंडल, बालाघाट को भेज दिया गया है।
मस्की ने वनमंडलाधिकारी से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी। इसके बाद मुख्य वन संरक्षक गौरव चौधरी से बात की गई। उन्होंने संबंधित वनमंडलाधिकारी से प्रकरण पर चर्चा कर भुगतान की कार्रवाई शीघ्र कराने और मामले की समीक्षा करने का आश्वासन दिया।
संगठन के अनुसार, किरनापुर रेंज कार्यालय से मिली जानकारी में जिला कोषालय से बार-बार आपत्तियां आने के कारण भुगतान में देरी की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि विभागीय प्रक्रियाओं और आपत्तियों के बीच पांच माह से वेतन की प्रतीक्षा कर रहे श्रमिकों की आर्थिक जिम्मेदारी कौन उठाएगा?
सजल मस्की ने मांग की कि वन सुरक्षा श्रमिकों का लंबित मानदेय दीपावली से पूर्व जारी किया जाए। साथ ही वन विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों का महंगाई भत्ते का एरियर भी शीघ्र खातों में जमा कराया जाए। उन्होंने किरनापुर में विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक तत्काल आयोजित करने की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी: संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्य वन संरक्षक कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस के जिला कोषाध्यक्ष मतेश यादव, किरनापुर वन विभाग प्रभारी इंद्रपाल सिंह चौहान सहित वन सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे।




