
भोपाल । मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव में स्क्रूटनी के दौरान दो निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त हो गए। भाजपा प्रत्याशी हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। रिटर्निंग आॅफिसर शाम पांच बजे तक जवाब मिलने के बाद फैसला लेंगे।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार राजकुमार लोहानी को बड़ा झटका लगा है। निर्वाचन अधिकारी ने अनिवार्य दस्तावेज नहीं होने के कारण उनका नामांकन निरस्त कर दिया। एक अन्य उम्मीदवार कांते सायन्ना का पर्चा भी प्रस्तावक नहीं होने के कारण खारिज हो गया। इस फैसले से चुनावी मुकाबले में कांग्रेस समर्थित खेमे को झटका लगा है।
इस बीच, कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के हलफनामे पर तीन गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। हेमंत कटारे राजकुमार लोहानी के प्रस्तावक और अटेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। आपत्तियों में पत्नी और संपत्ति का ब्योरा, विदेशी मुद्रा में संपत्ति का उल्लेख और नोटरी प्रक्रिया की वैधानिकता से जुड़े सवाल शामिल हैं। हरदीप सिंह पुरी को इन आपत्तियों का जवाब देने के लिए शाम पांच बजे तक का समय दिया गया।
कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त-भोपाल के समाजसेवी राजकुमार लोहानी ने अपने नामांकन के साथ अनिवार्य शपथ पत्र फॉर्म-26 संलग्न नहीं किया था। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित यह दस्तावेज चुनाव प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है। आवश्यक दस्तावेज की कमी पाए जाने पर रिटर्निंग आॅफिसर ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया। इसके अलावा, उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन भी प्रस्तावक नहीं होने के आधार पर खारिज किया गया।
हरदीप पुरी के हलफनामे पर आपत्तियां-विधायक हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपनी पत्नी का नाम हलफनामे में छिपाया है। उन्होंने विदेशी मुद्रा (स्विस फ्रैंक और डॉलर) में संपत्ति दशार्ने पर भी आपत्ति जताई। नियमों के अनुसार, उम्मीदवार को अपनी संपत्ति भारतीय मुद्रा में लिखना अनिवार्य है। हलफनामे में जेनेवा स्थित अपार्टमेंट और विदेशी खातों का विवरण दर्ज नहीं है। तीसरी आपत्ति नोटरी एक्ट के उल्लंघन और नोटरी के समक्ष उपस्थित न होने को लेकर उठाई गई है।



