कोलकाता

6 से 12 मार्च तक ‘रेलवन क्रांति’ अभियान, पूर्व रेलवे प्लेटफॉर्मों पर डिजिटल जागरूकता सप्ताह

‘Railvan Kranti’ campaign, Digital Awareness Week on Eastern Railway platforms from 6th to 12th March

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
कोलकाता, 4 मार्च 2026: पूर्व रेलवे ने रेल यात्रा के डिजिटल रूपांतरण को गति देने के उद्देश्य से 6 मार्च से 12 मार्च, 2026 तक पूरे ज़ोन में सप्ताहव्यापी ‘रेलवन ऐप इंस्टॉलेशन अभियान’ शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य पारंपरिक रेल यात्रा को स्मार्ट डिजिटल प्रबंधन से जोड़ते हुए ‘रेलवन’ इकोसिस्टम को सीधे यात्रियों तक पहुँचाना है।
प्लेटफॉर्म पर डिजिटल पहल
अभियान के दौरान प्रमुख स्टेशनों पर विशेष ‘प्रमोशनल बूथ’ लगाए जाएंगे। ब्रांडेड कैनोपी टेंट, हेल्प डेस्क और बैठने की व्यवस्था के माध्यम से यात्रियों को ऐप डाउनलोड करने, पंजीकरण करने और तकनीकी समस्याओं के समाधान में सहायता दी जाएगी।
रेलवे स्काउट्स एवं गाइड्स के स्वयंसेवक और फील्ड स्टाफ यात्रियों से सीधे संपर्क कर ‘ऑल-इन-वन’ रेलवन ऐप की सुविधाओं की जानकारी देंगे।
सोशल मीडिया के लिए विशेष ‘सुविधा क्षेत्र’
डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए, प्रमुख जंक्शनों पर ‘सुविधा क्षेत्र’ (Facilitating Zones) बनाए जाएंगे, जहां यात्री अपने अनुभव साझा कर सकेंगे। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य ‘रेलवन’ को एक जन-आधारित डिजिटल आंदोलन के रूप में स्थापित करना है।
प्रमुख स्टेशनों पर विशेष फोकस
अभियान के तहत विभिन्न मंडलों में चुनिंदा स्टेशनों की पहचान की गई है:
सियालदह मंडल:
सियालदह रेलवे स्टेशन
दमदम जंक्शन
नैहाटी जंक्शन
कांचरापाड़ा रेलवे स्टेशन
हावड़ा मंडल:
हावड़ा जंक्शन
बैंडेल जंक्शन
बर्द्धमान जंक्शन
रामपुरहाट रेलवे स्टेशन
आसनसोल मंडल:
आसनसोल जंक्शन
दुर्गापुर रेलवे स्टेशन
जसीडीह जंक्शन
मालदा मंडल:
मालदा टाउन रेलवे स्टेशन
भागलपुर जंक्शन
साहिबगंज रेलवे स्टेशन
जमालपुर जंक्शन
360-डिग्री डिजिटल दृष्टिकोण
यह अभियान केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। वाणिज्यिक कर्मचारियों को ‘डिजिटल एंबेसडर’ के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जो यात्रियों को टिकट बुकिंग, रीयल-टाइम ट्रेन ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं की जानकारी देंगे।
साथ ही, रेलवे कर्मचारियों को भी रेलवन ऐप अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि सेवाओं के साथ-साथ कार्यबल भी डिजिटल रूप से सशक्त हो सके। स्टेशन घोषणाओं के माध्यम से अभियान के प्रति जागरूकता और उत्साह बनाए रखा जाएगा।
सीपीआरओ का बयान
पूर्व रेलवे के सीपीआरओ शिबराम मांझी ने कहा, “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इस डिजिटल यात्रा में कोई भी यात्री या कर्मचारी पीछे न छूटे। रेलवन केवल एक ऐप नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे का भविष्य है, और हम उस भविष्य को स्टेशन के दरवाजे तक ला रहे हैं।”
इस पहल से पूर्व रेलवे डिजिटल रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा में अग्रसर है।

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