जालौन
चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले का मुख्य मास्टर माइंड निकला नाजिर?
नाजिर ने अपने विभाग के अलावा भूमि संरक्षण, नलकूप और लघु सिंचाई, नहर विभागों में भी कराया लाखों का घोटाला
चिकित्सा प्रतिपूर्ण मामले में नये खुलासे से मचा हड़कंप
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। पिछले दिनों भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर खेले गये खेल का खुलासा होते ही जहां विभागीय अधिकारियों ने आनन फानन में दो लिपिकों के विरुद्ध जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली थी। लेकिन इस मामले में जिस तरह से नये-नये खुलासे हो रहे है जिसमें चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले का मुख्य मास्टर माइंड नाजिर निकलकर सामने आया है। जैसे ही उसकी चर्चायें विकास भवन में चलनी शुरू हुई तो हड़कंप मचना शुरू हो गया। हैरानी की बात तो यह है कि अब इस मामले में न तो एफआईआर दर्ज कराने वाले अधिकारी अपना मुंह खोलने को तैयार नजर आ रहे और न ही विभागीय कर्मी कुछ भी कह पाने की स्थिति में नजर आ रहे हैं।
होली त्यौहार के दौरान चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले में सनसनीखेज खुलासा सामने आया जिसमें पूरे खेल का मुख्य मास्टर माइंड नाजिर निकला है। इस मामले में जो तथ्य खुलकर सामने आये है उसमें चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामलों में नाजिर ने अपने विभाग के अलावा भूमि संरक्षण व नलकूप और लघु सिंचाई, नहर विभागों में भी कराया लाखों का घोटाला बड़े ही सफाई के साथ अंजाम तक पहुंचाने में नाजिर की महत्वपूर्ण भूमिका रही होगी। बताया जाता है कि जब भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के ऑनलाइन डाटा में किया जाता है कोई करेक्शन तो अधिकारी के मोबाइल नंबर पर पहुंचती है ओटीपी, अब सबसे बड़ा सवाल क्या अधिकारी भी पूरे मामले में सहभागिता निभाते रहे और अपने हिस्से का नजराना डकारते रहे हैं। चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यक्ति का किया गया खाता चेंज अधिकारी के पास पहुंची ओटीपी दी गई या नहीं दी गई यह जांच का विषय हो सकता है। लेकिन इस ओर जांच टीम ने ध्यान देना जरूरी समझा। फिर भी लंबे समय से चल रहे कथित चिकित्सा प्रतिपूर्ति का मामला कैसे हुआ उजागर इसके पीछे भी बड़ी रोचक जानकारियां अब निकलकर बाहर आनी शुरू हो गयी है। मजे की बात तो यह है कि जिस विभाग के अधिकारी ने लिखाया मुकदमा इस विभाग का मामला और वही अधिकारी जांच टीम का सदस्य, निष्पक्ष जांच पर तरह-तरह के सवाल उठने भी शुरू हो गये हैं। अच्छा यह होता चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले के प्रमुख विभागों द्वारा जो फाइलें तैयार कर भुगतान कराने तक पहुंची यदि ऐसे सभी मामलों को शामिल कर उसकी विस्तृत जांच करायी जाती तो पूरे प्रकरण का खुलासा हो जाता और फिर जो भी दोषी होता उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लायी जाती ताकि भविष्य में फिर चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसे मामले में इस तरह से फर्जीबाड़ा करने को कोई भी लिपिक तैयार नहीं होता।


