
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बाराबंकी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करते हैं, वहीं जिले में जमीन कब्जे के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी को लेकर रामनगर तहसील क्षेत्र के ग्राम गोबरहा का एक परिवार न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया है।
ग्राम गोबरहा निवासी झरखी पुत्र महावीर का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी आबादी की जमीन (गाटा संख्या 152/1 व 152/2) पर गांव के ही कुछ लोग जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित के अनुसार 16 फरवरी 2026 को शिवदेवी पत्नी संजय, फूलचन्द्र, दीपू पुत्र पप्पू और बाली पुत्र नन्हा सहित अन्य लोग जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज की गई, जिसमें झरखी की पत्नी सुषमा के घायल होने का भी आरोप है।
पीड़ित ने महादेवा पुलिस चौकी और तहसील रामनगर में शिकायत की। बताया जाता है कि तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो ने मौके पर जांच कर भूमि को झरखी की आबादी की जमीन बताया, लेकिन इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ।
न्याय न मिलने से नाराज पीड़ित परिवार और संगठन भारतीय दलित पैंथर मजदूर किसान के कार्यकर्ता सोमवार से बाराबंकी स्थित गन्ना कार्यालय में धरने पर बैठ गए हैं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पीड़ित को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।


