ललितपुर

 निशुल्क कला साधना शिविर का भव्य समापन

जहां से शब्द खत्म होते है, वहां से कला शुरू होती है : गन्धर्व सिंह लोधी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। सिद्धन रोड स्थित कला भवन में चित्रकार ओमप्रकाश बिरथरे द्वारा 05 अप्रैल से 03 मई 2026 तक आयोजित निशुल्क कला साधना शिविर का समापन समारोह  राजकुमार के मुख्य आतिथ्य एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष गन्धर्व सिंह लोधी की अध्यक्षता में सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्जवन के साथ समापन कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। इस दौरान कला भवन में शिविर आयोजक ओमप्रकाश बिरथरे ने शिविर में एक माह सिखायी विषय वस्तु एवं बनाये गये चित्रों को अतिथियों के समक्ष प्रस्तुत किया तथा बच्चों ने भी अपने द्वारा बनाये गये चित्रों, कैलीग्राफी, महाराष्ट्र की आदिवासी लोककला वारली पैन्टिंग, प्राकृतिक दृश्यों, मानव चित्रण पर आधारित, राधा कृष्ण को आमंत्रित अतिथियों के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसे देखकर बच्चों के किये गये कार्यों की एवं प्रशिक्षक बिरथरे की सराहना की। बिरथरे ने कहा चित्रकला भावनाओं, विचारों और इतिहास को व्यक्त करने का शक्तिशाली मुख्य माध्यम हैं, जो मानवीय रचनात्मकता, मानसिक शांति और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्य अतिथि ने बिरथरे के प्रयास एवं शिविर की सराहना करते हुये कहा कि इस तरह के आयोजन परीक्षा के उपरान्त बच्चों के अवकाश के समय पर नकारात्मकता से सकारात्मकता और रचनात्मकता की ओर ले जाते हैं, यह एक बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि जहां से शब्द खत्म होते हैं, वहां से कला का आरम्भ होता है। इसका प्रभाव सीधा दवा की तरह सीधा आत्मा पर पड़ता है। इस शिविर में बच्चों ने बहुत ही सुन्दर चित्र बनाये हैं। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति अध्यक्ष गन्धर्व सिंह लोधी ने कहा कि कला एक निरन्तर साधना की विधा है, जिसे आप जितना सृजन करेंगे, आपकी कला उतनी ही अधिक परिष्कृत होगी। आप लोगों ने इस शिविर जो सीखा है, उसे निरन्तर साधना के द्वारा उच्च लक्ष्य तक पहुंचना है। सेवा निवृत्त प्रधानाचार्या शांति मालवीय ने कहा कि यह केवल रंगों और आकृतियों का खेल नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति और ध्यान का सशक्त साधन है। इंटैक चैप्टर संयोजक सन्तोष शर्मा ने कहा कि कला तनाव को कम करने, आत्म विकास करने और समाज को नई दृष्टि देने के साथ साथ हमारी पहचान को सुदृढ़ करती है, कला जीवन को आनन्दमय और अर्थपूर्ण बनाती है। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डा.दीपक चौबे ने कहा कि आप लोगों को अनवरत रूप से कला के क्षेत्र में लम्बी यात्रा करने वाले बिरथरेजी को जो सान्निध्य आप कलासाधकों को मिला है, बड़े भाग्य की बात है, उनके कला साधना ने इस शिविर में आपमें उच्चकोटि का कला सौष्ठव भरने का कार्य किया है। मौके पर जयशंकर द्विवेदी, रवीन्द्र पाठक, अरमान कुरैशी, कृष्णकांत सोनी, सूचना प्रौद्योगिकीविद् विनोद त्रिपाठी ने भी सम्बोधित किया। आमंत्रित अतिथियों द्वारा शिविर में प्रतिभागी कलासाधकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। इस दौरान शिविर सहायक महेश प्रसाद बिरथरे, गोविन्द नारायण व्यास, हरीश साहू, सुरेश साहू, उदयभान सिंह, अनुराधा मोदी, इंजी.शुभम् बिरथरे, इंजी. प्रीति चौबे, तरूण जामकर, वैभव जैन, बच्चों के अभिभावकगण उपस्थित थे। संचालन संस्कार भारती अध्यक्ष बृजमोहन संज्ञा ने किया।
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